जनसुनवाई के दौरान तहसील भिनगा के अन्तर्गत मदरहवा गांव से मानसिक रूप से दिव्यांग सहरातून और दिलशाद की मां अपने बच्चों को लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंची। इन्होंने बताया की इनके बच्चे जन्म से मानसिक रूप से दिव्यांग हैं न तो इनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बन पा रहा है न ही कोई और सुविधाएं मिल पा रही हैं। जिस पर जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडेय ने तत्काल मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ यूसुफ खान के माध्यम से बच्चों का परीक्षण करवाया जिसमें डॉ यूसुफ के अनुसार दोनों बच्चे शत प्रतिशत दिव्यांग पाये गये। चिकित्सक की रिपोर्ट लगने के बाद दोनों बच्चों का दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करवाया गया। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से दोनों बच्चों को मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए बनायी गयी विशेष व्हील चेयर प्रदान की जिससे बच्चों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना और दैनिक कार्य आसान हो सकेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी दिव्यांगजनों के मामले में संवेदनशील होकर काम करें, जिससे दिव्यांगजनों को अनावश्यक इधर उधर भटकना न पड़े। ये बच्चे शारीरीक रूप से विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में इनके साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाये जाने की जरूरत है।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सचिव अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जो बच्चे मानसिक मंदित होते हैं उनका जीवन बहुत कठिन होता है बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इनके लिए बनायी गयी सीपी चेयर इनका दैनिक जीवन आसान बनायेगी।
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी को 09 शिकायतें प्राप्त हुई, जो विभिन्न विभागों से सम्बन्धित थी, इन शिकायतों को तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट प्रेषित करने हेतु सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जनता दर्शन में आई शिकायतों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से समय सीमा के अन्तर्गत कराएं।

































