लापता दरोगा का शव बरामद

25
Advertisement

बस्ती जिले के परसरामपुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) अजय गौड़ की गुमशुदगी का दुखद अंत अयोध्या में सरयू नदी से उनके शव की बरामदगी के साथ हुआ। इस मामले ने अब एक रहस्यमयी मोड़ ले लिया है क्योंकि परिवार और पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट के बीच विरोधाभास नजर आ रहा है।

यहाँ इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है:

घटनाक्रम: गायब होने से बरामदगी तक
5 फरवरी: सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। वे परसरामपुर थाने में तैनात थे।

सर्च ऑपरेशन: लापता होने के बाद पुलिस और उनके परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही थी।

शव की बरामदगी: उनका शव अयोध्या के मया बाजार के पास सरयू नदी से बरामद किया गया।

परिवार के आरोप और संदेह
अजय गौड़ की पत्नी और परिजनों ने इस मामले में गंभीर सवाल उठाए हैं:

यहां भी पढ़े:  62वीं वाहिनी एसएसबी द्वारा ग्राम तरुसमा में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन ।

मौत का कारण: शुरुआती तौर पर मौत का कारण डूबना (Drowning) माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही होगी।

विसरा सुरक्षित: मौत की सही वजह जानने और किसी भी तरह के जहर या नशीले पदार्थ की जांच के लिए मृतक का ‘विसरा’ सुरक्षित रख लिया गया है।

आगे की कार्यवाही
पुलिस अब अजय गौड़ के कॉल डिटेल्स (CDR) और आखिरी समय में उनके संपर्क में आए लोगों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे परसरामपुर से अयोध्या कैसे पहुंचे और नदी तक जाने की स्थिति क्या थी।

यहां भी पढ़े:  एथलेटिक्स में श्रावस्ती के धर्मेन्द्र ने हासिल किया स्वर्ण पदक, पवन कुमार व कृष्ण गोपाल ने प्राप्त किया रजत पदक

हत्या का संदेह: पत्नी ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताई है। उनका मानना है कि अजय गौड़ किसी साजिश का शिकार हुए हैं।

मानसिक दबाव: परिजनों का कहना है कि वे किसी बात को लेकर तनाव में हो सकते थे या उन्हें जानबूझकर नुकसान पहुँचाया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच
शव मिलने के बाद अयोध्या में ही पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके शुरुआती नतीजे पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं:

चोट के निशान नहीं: पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट या संघर्ष (Struggle) के निशान नहीं पाए गए हैं।

यहां भी पढ़े:  गड़ौरा चीनी मिल में भड़का कर्मचारियों का आक्रोश, 17 जनवरी को गेट पर प्रदर्शन का ऐलान।*

वर्तमान स्थिति: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू (आत्महत्या, दुर्घटना या हत्या) पर जांच कर रहे हैं। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और कारण का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा।

Advertisement