रमाई घरकुल योजना में बड़ा घोटाला: Devendra Fadnavis और Eknath Shinde के नाम पर बनाए फर्जी आधार और जाति प्रमाणपत्र

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News Desk

महाराष्ट्र की रमाई घरकुल योजना (Ramai Awas Gharkul Yojana) में बड़ा घोटाला होने का दावा एआईएमआईएम (AIMIM) नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने किया है। इम्तियाज जलील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में पिछले कई वर्षों से इस योजना के नाम पर करोड़ों रुपये की धांधली की जा रही है। AIMIM नेता जलील के अनुसार इस कथित घोटाले की गंभीरता इतनी ज्यादा है कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम पर फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और जाति प्रमाणपत्र तक बनाए गए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर घरकुल योजना का पैसा हड़पा गया।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नाम पर बने फर्जी दस्तावेज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इम्तियाज जलील ने कई दस्तावेज मीडिया के सामने पेश किए। उन्होंने दावा किया कि इन कागजात में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम पर ‘महार’ जाति का प्रमाणपत्र तक जारी किया गया है।इतना ही नहीं, जलील के मुताबिक एकनाथ शिंदे के नाम से फर्जी राशन कार्ड भी बनाया गया है, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी जोड़े गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर नकली आधार कार्ड तैयार कर रमाई घरकुल योजना के तहत आवेदन दाखिल किए गए और सरकारी पैसे की हेराफेरी की गई।

भाजपा नेताओं पर साधा निशाना
इम्तियाज जलील ने आरोप लगाया कि शहर के कुछ बड़े नेता दलालों के साथ मिलकर इसी तरह से कई वर्षों से गरीबों के हक का पैसा लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के दबाव में महानगरपालिका के आयुक्त से करोड़ों रुपये की फाइलों पर हस्ताक्षर कराए गए।

2010 से चल रहा पूरा खेल?
पूर्व सांसद ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि इस पूरे सिंडिकेट में कुछ बड़े रसूखदार चेहरे शामिल हैं जो गरीबों के हक का पैसा डकार रहे हैं। इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली नेताओं ने संबंधित विभाग के प्रमुख अधिकारियों पर फाइलों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया था।उन्होंने आरोप लगाया कि 2010 से अब तक जिन हजारों घरों का वितरण दिखाया गया है, उनमें से कई जमीन पर अस्तित्व में ही नहीं हैं। योजना का लाभ वास्तविक गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है।

हाईकोर्ट में जाने की तैयारी
इम्तियाज जलील ने कहा कि जब प्रशासन के कुछ बड़े अधिकारी ही इस मामले में शामिल नजर आ रहे हैं तो केवल शिकायतों से न्याय मिलना मुश्किल है। इसलिए वह सभी दस्तावेज और सबूतों के साथ जल्द ही बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो रमाई घरकुल योजना में हुए कथित घोटाले की सच्चाई सामने आ सकती है।

 

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