3 मार्च को लगने वाला ग्रहण का फायदा कैसे उठाएं

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3 मार्च को 3:20 दोपहर से 6: 47 तक ग्रहण बताया जा रहा है। कुछ लोगों की मान्यता है कि इस ग्रहण का कोई महत्व नहीं है इसके लिए उनके तर्क है मानना या नहीं मानना यह व्यक्ति विशेष के विचार पर निर्भर है लेकिन मुझे लगता है की ग्रहण समाप्त हो रहा हो तो भी यदि स्थानीय चंद्रोदय हो रहा है तो उतने देर का ग्रहण मानना चाहिए यह मेरा व्यक्तिगत विचार है।

अलग-अलग स्थान पर चंद्रमा उदय होने का समय अलग-अलग होगा यदि चंद्रोदय के पहले ग्रहण समाप्त हो जाता तब भले ही ग्रहण को ना माना जाता लेकिन जब 6:00 बजे शाम तक चंद्रमा उदय हो जा रहा है तो 47 मिनट या 45 मिनट ग्रहण काल कहा जाएगा ना इसमें तो कोई शक नहीं है।

जब ग्रहण लग गया तो इतनी पीरियड में अपने इष्ट की साधना करने के लिए बहुत अनुकूल समय है आप जिस भी देवी देवता को मानते हैं उनके मंत्र का जाप कर सकते हैं यदि नहीं कर सकते कोई बात नहीं है अपने सामने उनके चित्र को देख तो सकते हैं दो-चार बार प्रणाम तो कर सकते हैं इसमें तो कोई दिक्कत नहीं है।

जब ग्रहण की समाप्ति होती है तो आदमी स्नान करता है और कुछ दान करता है और यह दान सफाई कर्मी या कुष्ठ रोगी या बीमार व्यक्ति को दिया जाता है इसका दान ब्राह्मण को नहीं किया जाता जब दान करना ही है तो क्यों नहीं कुछ ऐसी खाद्यान्न वास्तु दान की जाए जिसे होली के बाद मांगने वालों को दे दिया जाए और वह दान किया वस्तु अलग रखा जाए तो राहु की शांति हो जाएगी और राहु एक पाप ग्रह है और यह भी छेदात्मक ग्रह है तो जिनके संबंध पारिवारिक रूप से खराब चल रहे हो उनके लिए अच्छा मौका है लेकिन दान करते समय यह संकल्प करना होगा कि हे प्रभु मै यह राहु का दान कर रहा हूं और राहु अपने नकारात्मक प्रभाव को दूर करें और अच्छे प्रभाव को दें।

जिनका राहु खराब है जिसके कारण उनको समस्या आ रही है यदि ग्रहण के समाप्ति के बाद खाटू श्याम जी महाराज या हनुमान जी का मंदिर में जाकर दर्शन कर ले और उनसे प्रार्थना करें कि प्रभु राहु के दुष्प्रभाव को समाप्त करें और मुझे लाभ प्रदान करें।

गिरीश चंद्र मिश्रा

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