1 अप्रैल से महंगा होगा FASTag एनुअल पास, जेब पर पड़ेगा असर

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नई दिल्ली।  देशभर में नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही FASTag एनुअल पास महंगा होने वाला है। सरकार ने इसकी सालाना फीस में 2.5 प्रतिशत यानी 75 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके बाद इस पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़कर 3075 रुपये हो जाएगी। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने FASTag एनुअल पास की शुरुआत पिछले साल 15 अगस्त को की थी। यह पास जारी होने की तारीख से एक साल या 200 ट्रिप तक वैध रहता है, जो भी पहले पूरा हो जाए। यह सुविधा पूरे देश के नेशनल हाईवे पर लागू होती है, जबकि राज्य सरकारों के अधीन आने वाले हाईवे पर टोल सामान्य FASTag अकाउंट के जरिए ही कटता है।

1 अप्रैल से पहले खरीदने पर मिलेगा पुरानी कीमत पर

अधिकारियों के मुताबिक, FASTag एनुअल पास की कीमत में हर साल बदलाव का प्रावधान पहले ही तय किया गया था। यह बढ़ोतरी देशभर में टोल दरों में होने वाले वार्षिक संशोधन के फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। ऐसे में जो लोग 1 अप्रैल से पहले इस पास को खरीद लेते हैं या रिचार्ज करवा लेते हैं, उन्हें इसे अभी भी 3000 रुपये की पुरानी कीमत पर ही मिल जाएगा। वहीं, 1 अप्रैल के बाद इसे खरीदने वाले लोगों को 3075 रुपये चुकाने होंगे। अनुमान है कि इस बदलाव का असर करीब 52 लाख यूजर्स पर पड़ेगा।

कहां से खरीदा जा सकता है FASTag एनुअल पास

FASTag एनुअल पास को केवल राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से खरीदा जा सकता है। भुगतान करने के लगभग दो घंटे के भीतर यह पास एक्टिवेट हो जाता है और इसकी पुष्टि के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाता है।

रिफंड नहीं मिलेगा

इस पास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि इसका भुगतान एकमुश्त किया जाता है और यह पूरी तरह नॉन-रिफंडेबल होता है। यानी यदि किसी कारण से पास का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तब भी पैसे वापस नहीं मिलेंगे। हालांकि, जो लोग नियमित रूप से नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं, उनके लिए FASTag एनुअल पास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इससे बार-बार टोल भुगतान की झंझट कम हो जाती है।

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