
नई दिल्ली. सोशल मीडिया दिग्गज Meta ने AI स्टार्टअप Limitless को अधिग्रहित कर अपने हार्डवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रयासों में नई छलांग लगाई है। Limitless एक ऐसा स्टार्टअप है जिसने एक क्लिप-ऑन, पेंडेंट जैसी डिवाइस बनाई है, जो आपके आसपास होने वाली बातचीत को रिकॉर्ड करती है और AI के माध्यम से उसका सारांश तैयार करती है।
Limitless के CEO डैन सिरोकर ने कंपनी के कॉर्पोरेट ब्लॉग में इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि “Meta ने हाल ही में एक नया विज़न पेश किया है, जिसमें हर व्यक्ति तक पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस पहुँचाना शामिल है। इस विज़न का एक मुख्य हिस्सा अविश्वसनीय AI-सक्षम वियरेबल्स बनाना है। हम इस विज़न को साझा करते हैं और Meta में शामिल होकर इसे जीवन में उतारने में मदद करेंगे।” वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
Limitless की यह पेंडेंट वियरेबल डिवाइस बेहद कॉम्पैक्ट है और इसे आसानी से कपड़ों पर क्लिप किया जा सकता है। यह हर बातचीत को रिकॉर्ड करने में सक्षम है और AI तकनीक का उपयोग कर उसके महत्वपूर्ण पॉइंट्स का सारांश बनाती है। इस तकनीक का मकसद यूजर को उनके संवादों और मीटिंग्स के दौरान होने वाली जानकारी को व्यवस्थित और आसानी से याद रखने योग्य बनाना है।
Meta की Limitless अधिग्रहण से यह साफ़ संकेत मिलता है कि कंपनी Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस जैसी AI-सक्षम डिवाइसों के पारिवारिक उत्पादों पर भी काम कर रही है। यह कदम Meta के AI-हॉर्डवेयर में निवेश को दोगुना करता है और दिखाता है कि कंपनी भविष्य में AI-पावर्ड पर्सनल डिवाइसों को बड़े पैमाने पर लाने की योजना बना रही है।
Limitless पिछले पांच वर्षों में AI वियरेबल्स के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी है। इसका पेंडेंट डिवाइस बिज़नेस मीटिंग्स, शैक्षणिक सेशंस और रोज़मर्रा की जिंदगी में यूजर्स के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। Meta के अधिग्रहण के बाद इस तकनीक को और भी बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा और Meta के सोशल और AI नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा।
Meta ने पहले भी Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस के जरिए AR और AI उपकरणों के क्षेत्र में कदम रखा था। Limitless अधिग्रहण से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी अब सिर्फ़ विज़ुअल AI पर नहीं, बल्कि ऑडियो और इंटरैक्शन डेटा पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके जरिए यूजर्स को AI-सक्षम डिवाइसों के माध्यम से अपने दैनिक जीवन को अधिक स्मार्ट, प्रभावशाली और व्यवस्थित बनाने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि Meta का यह कदम AI और वियरेबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग है। यह अधिग्रहण Meta को व्यक्तिगत डेटा एनालिटिक्स, आवाज़-आधारित AI और स्मार्ट पर्सनल असिस्टेंट डिवाइसों में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। Limitless की तकनीक का इंटीग्रेशन Meta के मैसेंजर, WhatsApp और फेसबुक के इकोसिस्टम में किया जा सकता है, जिससे यूजर्स को संवादी AI अनुभव का लाभ मिलेगा।
Meta के प्रवक्ता ने कहा कि Limitless टीम Meta के R&D और AI विकास में शामिल हो जाएगी। इससे Meta की पर्सनल AI डिवाइस रणनीति को और मजबूती मिलेगी। हालांकि अभी तक इस अधिग्रहण की कीमत और वित्तीय विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
Limitless CEO डैन सिरोकर ने कहा कि उनके स्टार्टअप के मिशन और Meta के विज़न में बहुत समानता है। दोनों का उद्देश्य पर्सनल AI को आम आदमी तक पहुँचाना है। Meta के नेटवर्क, संसाधनों और AI क्षमता के साथ Limitless की तकनीक को और अधिक प्रभावशाली और व्यापक रूप से पेश किया जा सकेगा।
यह अधिग्रहण Meta के लिए सिर्फ़ नई डिवाइस बनाने का कदम नहीं है, बल्कि AI-सक्षम हार्डवेयर के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा और संवादों को स्मार्ट तरीके से संभालने का भी संकेत है। आने वाले समय में Meta ऐसे उपकरण पेश कर सकता है जो यूजर्स के दैनिक जीवन में AI के अनुभव को सरल, इंटरैक्टिव और सुरक्षित बनाए।
Meta की Limitless अधिग्रहण से यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि भविष्य में और भी छोटे, स्मार्ट और AI-पावर्ड वियरेबल्स बाजार में आएंगे, जो रोज़मर्रा की बातचीत, मीटिंग्स और व्यक्तिगत डेटा के प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।
इस अधिग्रहण से यह साफ़ है कि Meta अब केवल सोशल मीडिया और AR/VR तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि AI हार्डवेयर को भी अपनी मुख्य रणनीति का हिस्सा बना रहा है। Limitless की पेंडेंट डिवाइस के साथ, Meta व्यक्तिगत AI अनुभव को अगले स्तर तक ले जाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।





























