श्रावस्ती में शिया समुदाय ने निकाला कैंडल मार्च:ईरान के लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ आक्रोश

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श्रावस्ती जनपद के नासिरगंज कस्बे में शिया समुदाय ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के निधन पर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर सड़क पर उतरे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के विरोध में नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। इस कैंडल मार्च में नासिरगंज कस्बे के शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इज़राइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए, जिससे क्षेत्र का माहौल गूंज उठा। शिया समुदाय के सदस्यों ने कहा कि अयातुल्लाह ख़ामेनेई ने हमेशा इंसानियत, अमन और इंसाफ का पैगाम दिया। उन्होंने अच्छाई और न्याय की राह पर चलते हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। समुदाय ने उनकी मौत को इंसानियत पर हमला बताया। वकार अहमद नकवी ने कहा कि इतिहास वीरों का लिखा जाता है, बुजदिलों का नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इज़राइल के हमलों में बेगुनाह लोग मारे गए, जिसमें ख़ामेनेई साहब को भी शहादत देनी पड़ी। नकवी ने कहा कि जिस प्रकार भीष्म पितामह ने हस्तिनापुर की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, उसी प्रकार अयातुल्लाह ख़ामेनेई ने मानवता और सच्चाई की रक्षा का संदेश दिया। शकलैन हैदर ने कहा कि उनके रहबर ने हमेशा अमन और चैन का संदेश पूरी दुनिया को दिया। हैदर ने फिलिस्तीन और गाजा में मासूमों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अन्य मुस्लिम देश खामोश रहे, लेकिन ख़ामेनेई ने अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने यह भी कहा कि वे आखिरी समय तक निर्भीक रहे और शहीद की मौत पाई। कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दुआ के साथ हुआ।
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