बलरामपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेज में शिक्षक व कर्मचारी भर्ती के नाम पर ठगी का प्रयास सामने आया है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ अज्ञात व्यक्ति फोन कॉल और संदेशों के माध्यम से अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर अवैध रूप से धन की मांग कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शुभम शुक्ला ने इस संबंध में अभ्यर्थियों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों में प्रस्तावित काउंसलिंग प्रक्रिया 7 जनवरी से 9 जनवरी तक पूरी तरह निशुल्क, पारदर्शी और मेरिट के आधार पर विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न कराई जाएगी। बीएसए ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा उनके नाम पर धन की मांग करना पूरी तरह गैरकानूनी है। बीएसए शुक्ला ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि उन्हें नियुक्ति के नाम पर किसी भी माध्यम से धन की मांग की जाती है, तो वे तुरंत पुलिस, साइबर सेल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, विभाग को भी इसकी जानकारी देना सुनिश्चित करें, ताकि ऐसे अराजक और ठगी में लिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
कस्तूरबा विद्यालयों में भर्ती के नाम पर ठगी का प्रयास:बलरामपुर में बीएसए ने अभ्यर्थियों को फर्जी कॉल को लेकर चेताया
बलरामपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेज में शिक्षक व कर्मचारी भर्ती के नाम पर ठगी का प्रयास सामने आया है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ अज्ञात व्यक्ति फोन कॉल और संदेशों के माध्यम से अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर अवैध रूप से धन की मांग कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शुभम शुक्ला ने इस संबंध में अभ्यर्थियों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों में प्रस्तावित काउंसलिंग प्रक्रिया 7 जनवरी से 9 जनवरी तक पूरी तरह निशुल्क, पारदर्शी और मेरिट के आधार पर विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न कराई जाएगी। बीएसए ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा उनके नाम पर धन की मांग करना पूरी तरह गैरकानूनी है। बीएसए शुक्ला ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि उन्हें नियुक्ति के नाम पर किसी भी माध्यम से धन की मांग की जाती है, तो वे तुरंत पुलिस, साइबर सेल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, विभाग को भी इसकी जानकारी देना सुनिश्चित करें, ताकि ऐसे अराजक और ठगी में लिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।









































