बहुआर में शब-ए-बारात का पर्व मनाया गया: मस्जिदों में विशेष नमाज अदा कर मांगी गई दुआएं – Bahuar(Nichlaul) News

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थाना क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा से सटे विभिन्न ग्राम सभाओं में मंगलवार रात मुस्लिम समुदाय ने शब-ए-बारात का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया। इस अवसर पर मिश्रौलिया, बहुआर झुलनीपुर, छितौना और शीतलापुर खेसराहा सहित कई गांवों की मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की गई। पर्व के दौरान मुस्लिम समुदाय के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने रोज़ा रखा। मस्जिदों और कब्रिस्तानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नमाज़ियों और इबादत करने वालों की सुविधा के लिए मस्जिदों के आसपास के रास्तों पर रोशनी की अच्छी व्यवस्था की गई थी। सूर्यास्त के बाद घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर फातिहा दिलाया गया। रात होते ही सभी मस्जिदों में इबादत करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने अल्लाह की इबादत में नमाज़ पढ़ी और पवित्र कुरान की तिलावत की। इस दौरान उन रिश्तेदारों की मग़फ़िरत (मोक्ष) के लिए दुआएं मांगी गईं, जो इस दुनिया से रुख़सत हो चुके हैं। कई लोगों ने नमाज़ और तिलावत के बाद कब्रिस्तानों में जाकर भी दुआ-ए-खैर मांगी। मौलाना अख्तर हुसैन मिस्बाही, मौलाना हारून शेख, मौलाना परवेज अजीज और मौलाना नूर मोहम्मद ने बताया कि शब-ए-बारात एक मुबारक रात है, जिसमें अल्लाह अपनी रहमत के दरवाज़े खोल देता है। इस रात में अल्लाह अपने गुनाहगार बंदों के गुनाहों को बख्श देता है और उन्हें अज़ाब से रिहाई अता फरमाता है। उन्होंने यह भी बताया कि सूर्यास्त के बाद से ही अल्लाह अपनी खास रहमतें नाज़िल करता है। मौलानाओं के अनुसार, शब-ए-बारात मुस्लिम धर्म के लिए इबादत की बहुत बड़ी रात है, जिसमें पूरी रात कुरान शरीफ की तिलावत की जाती है और मृत आत्माओं के लिए कब्रों पर जाकर गुनाहों की बख्शीश की दुआ मांगी जाती है। यह रात अपने पापों से छुटकारा पाने और दुआ मांगने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, निचलौल थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार वर्मा और चौकी प्रभारी दीपक सिंह अमित कुमार राय अपने जवानों के साथ पूरी रात गश्त करते रहे।
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