सिद्धार्थनगर में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम में अचानक बदलाव देखा गया है। सुबह की कड़ाके की ठंड, दोपहर की हल्की धूप और शाम की बढ़ती नमी ने लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। गिरते तापमान का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। जिले के जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की भीड़ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह की तुलना में हृदय, न्यूरो और वायरल बीमारियों के मामलों में तेजी आई है, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। माधव प्रसाद तिवारी मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर एमडी मेडिसिन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि ठंड का मौसम हृदय रोगियों के लिए विशेष रूप से जोखिम भरा होता है। उन्होंने समझाया कि ठंड के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप अचानक बढ़ जाता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉ. सिंह ने हृदय और फेफड़ों के मरीजों को सुबह आठ बजे से पहले घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने समय पर अपनी दवाएं लेने, अनावश्यक रूप से बाहर घूमने से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़ों का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आगे बताया कि हाल के दिनों में सीने में दर्द, सांस फूलने और अचानक रक्तचाप बढ़ने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। डॉ. सिंह के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को लगातार रक्तचाप बढ़ा हुआ महसूस हो या सीने में दबाव का अनुभव हो, तो उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि ऐसे मामलों में लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।
ठंड का असर, सिद्धार्थनगर में मरीजों की भीड़ बढ़ी:हार्ट, न्यूरो रोगियों को डॉक्टरों ने दी विशेष सलाह
सिद्धार्थनगर में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम में अचानक बदलाव देखा गया है। सुबह की कड़ाके की ठंड, दोपहर की हल्की धूप और शाम की बढ़ती नमी ने लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। गिरते तापमान का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। जिले के जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की भीड़ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह की तुलना में हृदय, न्यूरो और वायरल बीमारियों के मामलों में तेजी आई है, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। माधव प्रसाद तिवारी मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर एमडी मेडिसिन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि ठंड का मौसम हृदय रोगियों के लिए विशेष रूप से जोखिम भरा होता है। उन्होंने समझाया कि ठंड के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप अचानक बढ़ जाता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉ. सिंह ने हृदय और फेफड़ों के मरीजों को सुबह आठ बजे से पहले घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने समय पर अपनी दवाएं लेने, अनावश्यक रूप से बाहर घूमने से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़ों का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आगे बताया कि हाल के दिनों में सीने में दर्द, सांस फूलने और अचानक रक्तचाप बढ़ने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। डॉ. सिंह के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को लगातार रक्तचाप बढ़ा हुआ महसूस हो या सीने में दबाव का अनुभव हो, तो उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि ऐसे मामलों में लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।









































