जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बलरामपुर स्थित चीनी मिल के गन्ना तौल केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तौल व्यवस्था की बारीकी से जांच की और स्पष्ट निर्देश दिए कि गन्ना तौल में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने तौल कांटे (वे-ब्रिज) की कार्यप्रणाली, उसकी सटीकता और नियमित कैलिब्रेशन की जांच की। उन्होंने अभिलेखों का भी अवलोकन किया। पर्ची वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए गए कि किसानों को क्रमबद्ध, समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पर्चियां उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के दौरान गन्ना फसल की प्रजाति (वैरायटी) के सत्यापन की प्रक्रिया की भी गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वैरायटी जांच पूरी ईमानदारी और नियमों के तहत हो, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा और न्यायसंगत लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तौल कराने आए किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों के अनुभव और सुझाव सुने तथा उनकी समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि किसानों का संतोष और विश्वास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शीतलहर और ठंड को देखते हुए, तौल केंद्र परिसर में अलाव, स्वच्छ पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की मूलभूत असुविधा नहीं होनी चाहिए। अंत में, जिलाधिकारी ने मिल प्रबंधन को चेतावनी दी कि गन्ना तौल प्रक्रिया तेज, सुचारू और पूरी तरह पारदर्शी रहनी चाहिए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बलरामपुर चीनी मिल का औचक निरीक्षण किया:गन्ना तौल में गड़बड़ी पर सख्त निर्देश, पारदर्शिता पर दिया जोर
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बलरामपुर स्थित चीनी मिल के गन्ना तौल केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तौल व्यवस्था की बारीकी से जांच की और स्पष्ट निर्देश दिए कि गन्ना तौल में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने तौल कांटे (वे-ब्रिज) की कार्यप्रणाली, उसकी सटीकता और नियमित कैलिब्रेशन की जांच की। उन्होंने अभिलेखों का भी अवलोकन किया। पर्ची वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए गए कि किसानों को क्रमबद्ध, समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पर्चियां उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के दौरान गन्ना फसल की प्रजाति (वैरायटी) के सत्यापन की प्रक्रिया की भी गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वैरायटी जांच पूरी ईमानदारी और नियमों के तहत हो, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा और न्यायसंगत लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तौल कराने आए किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों के अनुभव और सुझाव सुने तथा उनकी समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि किसानों का संतोष और विश्वास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शीतलहर और ठंड को देखते हुए, तौल केंद्र परिसर में अलाव, स्वच्छ पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की मूलभूत असुविधा नहीं होनी चाहिए। अंत में, जिलाधिकारी ने मिल प्रबंधन को चेतावनी दी कि गन्ना तौल प्रक्रिया तेज, सुचारू और पूरी तरह पारदर्शी रहनी चाहिए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









































