बलरामपुर के पचपेड़वा विकास खंड स्थित इमलिया कोडर के थारू सांस्कृतिक संग्रहालय सभागार में एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें मुख्य वक्ता संत ओम प्रपन्नाचार्य महाराज ने हिंदू समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जब हिंदू सुरक्षित रहेगा, तभी विश्व सुरक्षित रहेगा।” संत ने हिंदुओं को अपने राष्ट्रनायकों पर विश्वास करते हुए संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने संबोधन में संत ओम प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि हमारे एक हाथ में विष और दूसरे में अमृत है, हमें यह तय करना है कि हम क्या ग्रहण करेंगे। उन्होंने थारू समाज की महिलाओं को ‘नारी शक्ति’ बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप और बिरसा मुंडा जैसे वीरों को जन्म देने वाली माताओं की आज भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धरती माता और दैवीय शक्तियां ऐसी नारी शक्ति की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने रामायण काल के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कैकेयी, शबरी और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के त्याग व समर्पण को याद किया। संत ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू समाज को अपनों को भूलकर स्वयं का शत्रु नहीं बनना चाहिए, बल्कि भगवान राम के अपनत्व जगाने के संदेश का पालन करना चाहिए। उन्होंने समाज को स्वार्थी तत्वों से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी, जो बहू-बेटियों को गुमराह कर रहे हैं। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अवध प्रांत के प्रचार प्रमुख यशोदानंदन ने भी हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। जिला प्रचारक जितेंद्र ने संघ गीत “चंदन है इस देश की माटी…” गाकर सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन आलोक पाठक ने किया। इस अवसर पर संयोजक राम सुंदर, जिला कार्यवाह किरीट मणि, जिला सह संघचालक ए.पी. सिंह, भाजपा नेता रामसरन गुप्ता, कामेश्वर मिश्रा, गोविंद सिंह और जिला पंचायत सदस्य शेखर यादव सहित बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित थे।
पचपेड़वा में हिंदू सम्मेलन:महाराज ने कहा- हिंदू सुरक्षित होगा तो विश्व भी सुरक्षित रहेगा
बलरामपुर के पचपेड़वा विकास खंड स्थित इमलिया कोडर के थारू सांस्कृतिक संग्रहालय सभागार में एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें मुख्य वक्ता संत ओम प्रपन्नाचार्य महाराज ने हिंदू समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जब हिंदू सुरक्षित रहेगा, तभी विश्व सुरक्षित रहेगा।” संत ने हिंदुओं को अपने राष्ट्रनायकों पर विश्वास करते हुए संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने संबोधन में संत ओम प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि हमारे एक हाथ में विष और दूसरे में अमृत है, हमें यह तय करना है कि हम क्या ग्रहण करेंगे। उन्होंने थारू समाज की महिलाओं को ‘नारी शक्ति’ बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप और बिरसा मुंडा जैसे वीरों को जन्म देने वाली माताओं की आज भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धरती माता और दैवीय शक्तियां ऐसी नारी शक्ति की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने रामायण काल के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कैकेयी, शबरी और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के त्याग व समर्पण को याद किया। संत ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू समाज को अपनों को भूलकर स्वयं का शत्रु नहीं बनना चाहिए, बल्कि भगवान राम के अपनत्व जगाने के संदेश का पालन करना चाहिए। उन्होंने समाज को स्वार्थी तत्वों से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी, जो बहू-बेटियों को गुमराह कर रहे हैं। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अवध प्रांत के प्रचार प्रमुख यशोदानंदन ने भी हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। जिला प्रचारक जितेंद्र ने संघ गीत “चंदन है इस देश की माटी…” गाकर सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन आलोक पाठक ने किया। इस अवसर पर संयोजक राम सुंदर, जिला कार्यवाह किरीट मणि, जिला सह संघचालक ए.पी. सिंह, भाजपा नेता रामसरन गुप्ता, कामेश्वर मिश्रा, गोविंद सिंह और जिला पंचायत सदस्य शेखर यादव सहित बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित थे।





















