डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के किसानों को सरकारी धान खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष केंद्रों की संख्या कम होने के कारण किसानों को अपनी उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र में पहले कई स्थानों पर धान खरीद केंद्र स्थापित किए जाते थे, जिनमें मंडी परिसर, वासाचक स्थित साधन सहकारी समिति, मानिकगंज चकचई, बढ़नीचाफा, भारतभारी और मन्नीजोत शामिल थे। हालांकि, इस वर्ष पूरे तहसील क्षेत्र में कुल छह केंद्र ही संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से डुमरियागंज क्षेत्र में केवल शाहपुर मंडी समिति में एक क्रय केंद्र बनाया गया है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के केंद्रों तक जाना पड़ रहा है, जिससे परिवहन लागत बढ़ रही है और कागजी कार्रवाई में भी परेशानी आ रही है। छोटे किसानों के लिए यह स्थिति और भी कठिन है, क्योंकि उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत पैसे की आवश्यकता होती है। ए श्रेणी के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मोहम्मद कमरूद्दीन और दीपक कुमार शुक्ल ने बताया कि अब तक डुमरियागंज मंडी परिसर में 2130 क्विंटल, मंडी परिसर सहियापुर में 2314 क्विंटल, भनवापुर मंडी परिसर सहियापुर में 1850 क्विंटल और एसडब्ल्यूसी नवीन मंडी सहियापुर में 1578 क्विंटल धान की खरीद लगभग 80 किसानों से की जा चुकी है। डिप्टी आरएमओ रमेश कुमार ने जानकारी दी कि केवल निर्धारित किलोमीटर क्षेत्र के किसान ही अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेच सकते हैं। इसका फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं, जो किसानों से औने-पौने दामों पर धान खरीदकर उसे सरकारी दरों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
डुमरियागंज में धान खरीद केंद्र की कमी:किसानों को उपज बेचने में परेशानी, बिचौलिए सक्रिय
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के किसानों को सरकारी धान खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष केंद्रों की संख्या कम होने के कारण किसानों को अपनी उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र में पहले कई स्थानों पर धान खरीद केंद्र स्थापित किए जाते थे, जिनमें मंडी परिसर, वासाचक स्थित साधन सहकारी समिति, मानिकगंज चकचई, बढ़नीचाफा, भारतभारी और मन्नीजोत शामिल थे। हालांकि, इस वर्ष पूरे तहसील क्षेत्र में कुल छह केंद्र ही संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से डुमरियागंज क्षेत्र में केवल शाहपुर मंडी समिति में एक क्रय केंद्र बनाया गया है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर के केंद्रों तक जाना पड़ रहा है, जिससे परिवहन लागत बढ़ रही है और कागजी कार्रवाई में भी परेशानी आ रही है। छोटे किसानों के लिए यह स्थिति और भी कठिन है, क्योंकि उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत पैसे की आवश्यकता होती है। ए श्रेणी के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मोहम्मद कमरूद्दीन और दीपक कुमार शुक्ल ने बताया कि अब तक डुमरियागंज मंडी परिसर में 2130 क्विंटल, मंडी परिसर सहियापुर में 2314 क्विंटल, भनवापुर मंडी परिसर सहियापुर में 1850 क्विंटल और एसडब्ल्यूसी नवीन मंडी सहियापुर में 1578 क्विंटल धान की खरीद लगभग 80 किसानों से की जा चुकी है। डिप्टी आरएमओ रमेश कुमार ने जानकारी दी कि केवल निर्धारित किलोमीटर क्षेत्र के किसान ही अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेच सकते हैं। इसका फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं, जो किसानों से औने-पौने दामों पर धान खरीदकर उसे सरकारी दरों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।





































