श्रावस्ती में यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। एक पुराने मामले में शुक्रवार को अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई। यह फैसला पुलिस और अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम है, जिसकी ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत लगातार निगरानी की जा रही थी। जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2011 में थाना सिरसिया में यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। अभियुक्त बाबू उर्फ मेराजुद्दीन और छोटकऊ उर्फ शमसुद्दीन पर आरोप था कि उन्होंने एक गिरोह बनाकर आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए गंभीर अपराध किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान मॉनीटरिंग सेल, विशेष लोक अभियोजक, शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार ने प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा। इसी के चलते अदालत अभियुक्तों के खिलाफ ठोस निष्कर्ष पर पहुंची। अपर सत्र न्यायालय और विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम, श्रावस्ती ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को दस वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले को संगठित अपराध के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने इसे कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









































