महसी में होमगार्ड्स सीआरओ जांच से असंतुष्ट: SDM दुर्व्यवहार मामले में DM से निष्पक्ष जांच की मांग – Mahsi News

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बहराइच के महसी में होमगार्ड जवानों ने एसडीएम आलोक प्रसाद पर दुर्व्यवहार के मामले में सीआरओ जांच पर असंतोष व्यक्त किया है। जवानों ने जिलाधिकारी (डीएम) से पांच सदस्यीय टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। होमगार्ड जवानों का कहना है कि सीआरओ की जांच में उनके बयान दर्ज नहीं किए गए। इसके अतिरिक्त, घटना के प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय अधिवक्ताओं के बयान भी नहीं लिए गए हैं। होमगार्ड जवान राजाराम शुक्ल, रमाकांत मिश्र और राम कुमार तिवारी ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि 7 जनवरी को एक दिव्यांग फरियादी तहसील मुख्यालय आया था। जब एचजी रामकुमार तिवारी उसे अंदर ले गए और फरियादी के गिरने पर उसे सहारा देकर कुर्सी पर बैठाया, तो एसडीएम आलोक प्रसाद नाराज हो गए। जवानों के अनुसार, एसडीएम आलोक प्रसाद ने रामकुमार तिवारी को अपशब्द कहे और गाली-गलौज कर भगा दिया। इसके बाद उन्होंने तीनों होमगार्ड जवानों को बुलाकर कथित तौर पर मां-बहन की गालियां और ‘पंडित साले’ जैसे जातिसूचक शब्द कहे। जवानों ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने उन्हें चोटिया पकड़कर जूतों से मारने की धमकी दी और अपने गनर व ड्राइवर को उन्हें दौड़ लगवाने और उठक-बैठक करवाने का आदेश दिया। होमगार्ड जवानों ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि सीआरओ जांच में उनके और प्रत्यक्षदर्शी अधिवक्ताओं के बयान न लेना जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। उन्होंने डीएम से आग्रह किया है कि एक पांच सदस्यीय टीम गठित की जाए, जिसमें समाज के तीनों वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हों, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। जवानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने डीएम बहराइच से मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय सक्षम अधिकारियों की टीम द्वारा निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
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