सिसवा नगरपालिका के श्रीरामजानकी मंदिर परिसर में शनिवार को सकल हिन्दू समाज आयोजन समिति द्वारा एक विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, मातृ शक्ति का सम्मान सुनिश्चित करना और सनातन धर्म के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान करना था। सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ भारती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और अंतर्राष्ट्रीय भजन गायक अमित अंजन के भजन से हुआ। मुख्य अतिथि क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख (उत्तर-पूर्वी प्रदेश) अभय जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र का वास्तविक विकास जातिवाद से नहीं, बल्कि समरसता से संभव है। उन्होंने राजनीति में जातिवाद को देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया। अभय जी ने इस बात पर जोर दिया कि यदि जाति की बात करनी ही है, तो उसे राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने समाज में जाति के नाम पर होने वाले छुआछूत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि छुआछूत केवल गंदगी और बुराइयों के प्रति होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करेगा। अभय जी ने देश में कई समस्याओं की जड़ विदेशी संस्कृति के प्रभाव को बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में झगड़ों का मूल कारण जातिवाद नहीं, बल्कि अहंकार है। आत्मबोध और सही दिशा के लिए उन्होंने महाभारत, रामायण, वेद और उपनिषद जैसे ग्रंथों के अध्ययन को आवश्यक बताया। प्रेमलाल सिंहनियाँ कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य शशिकला सिंह ने अपने संबोधन में नारी सशक्तिकरण पर जोर दिया और हिन्दू समाज से एकजुटता का आह्वान किया। सम्मेलन की अध्यक्षता नरेंद्र भालोटिया ने की, जबकि संत बालकदास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उमेश ‘उमंग’ ने किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि गिरजेश जायसवाल, राघवेंद्र प्रताप उर्फ़ अंकित सिंह, भाजपा नेता धीरज तिवारी, प्रधानाचार्य निरंकार सिंह, मनीष पांडेय, अधिवक्ता मनोज केसरी, अधिवक्ता अश्वनी रौनियार, जितेंद्र वर्मा, आलोक शर्मा, मोहनलाल अग्रवाल, अशोक बंका, अमरनाथ खरवार, अमित सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सिसवा में सकल हिन्दू समाज का विराट सम्मेलन: मातृ शक्ति सम्मान और सनातन धर्म पर दिया गया जोर – Nichlaul News
सिसवा नगरपालिका के श्रीरामजानकी मंदिर परिसर में शनिवार को सकल हिन्दू समाज आयोजन समिति द्वारा एक विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, मातृ शक्ति का सम्मान सुनिश्चित करना और सनातन धर्म के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान करना था। सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ भारती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और अंतर्राष्ट्रीय भजन गायक अमित अंजन के भजन से हुआ। मुख्य अतिथि क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख (उत्तर-पूर्वी प्रदेश) अभय जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र का वास्तविक विकास जातिवाद से नहीं, बल्कि समरसता से संभव है। उन्होंने राजनीति में जातिवाद को देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया। अभय जी ने इस बात पर जोर दिया कि यदि जाति की बात करनी ही है, तो उसे राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने समाज में जाति के नाम पर होने वाले छुआछूत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि छुआछूत केवल गंदगी और बुराइयों के प्रति होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करेगा। अभय जी ने देश में कई समस्याओं की जड़ विदेशी संस्कृति के प्रभाव को बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में झगड़ों का मूल कारण जातिवाद नहीं, बल्कि अहंकार है। आत्मबोध और सही दिशा के लिए उन्होंने महाभारत, रामायण, वेद और उपनिषद जैसे ग्रंथों के अध्ययन को आवश्यक बताया। प्रेमलाल सिंहनियाँ कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य शशिकला सिंह ने अपने संबोधन में नारी सशक्तिकरण पर जोर दिया और हिन्दू समाज से एकजुटता का आह्वान किया। सम्मेलन की अध्यक्षता नरेंद्र भालोटिया ने की, जबकि संत बालकदास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उमेश ‘उमंग’ ने किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि गिरजेश जायसवाल, राघवेंद्र प्रताप उर्फ़ अंकित सिंह, भाजपा नेता धीरज तिवारी, प्रधानाचार्य निरंकार सिंह, मनीष पांडेय, अधिवक्ता मनोज केसरी, अधिवक्ता अश्वनी रौनियार, जितेंद्र वर्मा, आलोक शर्मा, मोहनलाल अग्रवाल, अशोक बंका, अमरनाथ खरवार, अमित सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।









































