बलरामपुर के उतरौला में प्रस्तावित न्यायालय भवन के लिए भूमि चिन्हित न होने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने जिलाधिकारी बलरामपुर को पत्र भेजकर न्यायालय के लिए शीघ्र भूमि अधिग्रहण की मांग की है। उतरौला में बाह्य न्यायालय की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। वर्तमान में यहां सिविल जज जूनियर डिवीजन और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के दो न्यायालय संचालित हैं। इनमें से अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन का न्यायालय अधिवक्ता संघ भवन में चल रहा है। इन न्यायालयों में लगभग 25,000 मुकदमे लंबित हैं। न्यायालय भवन के लिए भूमि चिन्हित करने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी गई थी। हालांकि, प्रशासनिक उदासीनता के कारण दो वर्ष बाद भी भूमि का चिन्हीकरण नहीं हो सका है। इसके चलते मुकदमों की पैरवी के लिए लोगों को जनपद मुख्यालय जाना पड़ रहा है। भूमि के संबंध में स्थानीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन तहसील स्थित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस मामले में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने जिलाधिकारी बलरामपुर को भेजे पत्र में मांग की है कि न्यायालय की स्थापना के लिए भूमि का तत्काल चिन्हीकरण किया जाए और इस संबंध में तहसील अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि न्यायालय भवन का निर्माण कार्य शुरू हो सके।
उतरौला न्यायालय भूमि चिन्हित नहीं होने से अधिवक्ता नाराज:संघ अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से तत्काल अधिग्रहण की मांग की
बलरामपुर के उतरौला में प्रस्तावित न्यायालय भवन के लिए भूमि चिन्हित न होने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने जिलाधिकारी बलरामपुर को पत्र भेजकर न्यायालय के लिए शीघ्र भूमि अधिग्रहण की मांग की है। उतरौला में बाह्य न्यायालय की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। वर्तमान में यहां सिविल जज जूनियर डिवीजन और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के दो न्यायालय संचालित हैं। इनमें से अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन का न्यायालय अधिवक्ता संघ भवन में चल रहा है। इन न्यायालयों में लगभग 25,000 मुकदमे लंबित हैं। न्यायालय भवन के लिए भूमि चिन्हित करने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी गई थी। हालांकि, प्रशासनिक उदासीनता के कारण दो वर्ष बाद भी भूमि का चिन्हीकरण नहीं हो सका है। इसके चलते मुकदमों की पैरवी के लिए लोगों को जनपद मुख्यालय जाना पड़ रहा है। भूमि के संबंध में स्थानीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन तहसील स्थित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस मामले में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने जिलाधिकारी बलरामपुर को भेजे पत्र में मांग की है कि न्यायालय की स्थापना के लिए भूमि का तत्काल चिन्हीकरण किया जाए और इस संबंध में तहसील अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि न्यायालय भवन का निर्माण कार्य शुरू हो सके।








































