विक्रमजोत हर्रैया बस्ती विकास क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी चरम पर है। सरकारी गोदामों पर यूरिया की कमी के कारण निजी दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं, जिससे किसान परेशान हैं। किसानों को एक बोरी यूरिया (जिसका सरकारी मूल्य 267 रुपये है) 400 रुपये में खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। इसके साथ ही, दुकानदारों ने एक किलो जिंक और एक किलो सल्फर खरीदना भी अनिवार्य कर दिया है। यदि कोई किसान इन उत्पादों को नहीं खरीदता है, तो उसे यूरिया नहीं दी जाती। शिकायतें मिलने पर संबंधित अधिकारी, जैसे एडीओ कोऑपरेटिव, जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत करा देते हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं होता, और किसान ठगा हुआ महसूस करते हैं। स्थानीय किसानों जैसे लालता, गोपाल यादव, राम निवास, बरखू और बाबूराम ने बताया कि फसल बचाने के लिए उन्हें किसी भी कीमत पर यूरिया खरीदनी पड़ती है। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी।







































