बस्ती में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने गरिमा गृह की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। यह गरिमा गृह इन्दिरा चैरिटेबल सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा। इस स्वीकृति को ट्रांसजेंडर समुदाय के समावेशी विकास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसकी स्थापना प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। इन्दिरा चैरिटेबल सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था वर्ष 2023 से बस्ती में गरिमा गृह की स्थापना के लिए लगातार प्रयासरत थी, जिसे अब 2025 में सफलता मिली है। पाण्डेय के अनुसार, यह स्वीकृति संस्था के अथक प्रयासों और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का परिणाम है। अजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि इन्दिरा चैरिटेबल सोसाइटी पहले से ही ट्रांसजेंडरों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें किन्नर पाठशाला, हुनरमंद किन्नर कार्यक्रम, किन्नर कौशल विकास केंद्र और ट्रांसमित्र कार्यक्रम प्रमुख हैं। इन पहलों के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जा रहा है। हाल ही में ट्रांसजेंडरों के आत्मबल को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘ट्रांसजेंडरों के मन की बात’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ सीधा संवाद हुआ, जो बेहद सफल रहा। गरिमा गृह की स्वीकृति के बाद बस्ती में ट्रांसजेंडरों के लिए सुरक्षित आश्रय, सम्मान और स्वावलंबन का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।










































