बलरामपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता से मारपीट-लूट के बाद बवाल:5:30 घंटे तक चौराहा जाम; वकीलों का हाईवोल्टेज धरना

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बलरामपुर में शहर के बड़े पुल चौराहे पर 15 जनवरी की रात हुई घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव के साथ सरेआम मारपीट और लूट की घटना के बाद शहर में आक्रोश फैल गया। विरोध में सैकड़ों अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और चौराहे को धरनास्थल में तब्दील कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव 15 जनवरी की रात करीब 9 बजे अपने परिवार के साथ अधिवक्ता मित्र शशि मोहन श्रीवास्तव के यहां खिचड़ी भोज में शामिल होने जा रहे थे। पूजा का सामान खरीदने के बाद जैसे ही वे बड़े पुल चौराहे पर पहुंचे, वहां 10–15 नशे में धुत युवक सड़क के दोनों ओर और बीच में खड़े होकर आवागमन रोक रहे थे। गाली-गलौज के बाद हमला, बेटे भी घायल हाथ देने के बावजूद रास्ता न मिलने पर अधिवक्ता ने कार रोककर हटने को कहा तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर बड़ा बेटा समर्थ श्रीवास्तव कार से उतरा, तभी हमलावर उस पर टूट पड़े। बचाव में छोटा बेटा आर्यन और स्वयं अधिवक्ता उतरे, लेकिन तीनों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। मोती की माला, सोने की चेन और नकदी लूटी मारपीट के दौरान अधिवक्ता के गले से मोती की माला और करीब 20 ग्राम की सोने की चेन छीन ली गई। साथ ही जेब में रखे लगभग 20 हजार रुपये भी लूट लिए गए। घटना के दौरान कुछ नाबालिग बच्चे भी हाथों में डंडा लेकर मारपीट में शामिल दिखे। वीडियो से हुई पहचान, 7-8 आरोपियों के नाम सामने आए घटना का वीडियो मौके पर बनाया गया, जिसके आधार पर बड़े पुल चौराहे के रहने वाले बाठे चिकवा, इस्माइल पुत्र नसीर, दीपक चौरसिया उर्फ काले धोबी, रवि साहू पुत्र माता प्रसाद, श्याम पुत्र साधू तेली, जुबैद, रेहान (नाबालिग) पुत्र बाठे चिकवा सहित 7–8 अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप घटना की सूचना मिलते ही चौकी से एक दरोगा और तीन सिपाही मौके पर पहुंचे, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से अधिवक्ता नाराज हो गए। वरिष्ठ अधिवक्ता से मारपीट की खबर फैलते ही सैकड़ों वकील बड़े पुल चौराहे पर जुट गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रातभर चला हाईवोल्टेज धरना कोतवाली नगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। नगर कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने एफआईआर और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। रात करीब 10:30 बजे ठंड के बीच वकील सड़क पर डटे रहे। बाद में सीओ सिटी ज्योति श्री पहुंचीं, फिर अपर पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार और एसडीएम सदर भी मौके पर आए, लेकिन धरना जारी रहा। बार काउंसिल चुनाव बहिष्कार की चेतावनी से बढ़ा दबाव मामला तब और गंभीर हो गया जब अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का चुनाव बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाई। सीसीटीवी फुटेज में भी मारपीट की पुष्टि हुई। लगातार छापेमारी के बाद कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। ठंड भरी रात में अलाव जलाकर डटे रहे वकील गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद 16 जनवरी की रात करीब 2:30 बजे अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त किया। करीब 5:30 घंटे चले इस हाईवोल्टेज धरने के दौरान वकील अलग-अलग गुटों में अलाव जलाकर बैठे रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद पूरी रात हालात तनावपूर्ण बने रहे और पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठते रहे।
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