बहराइच जिले के रामगांव इलाके में स्थित रेहुआ मंसूर गांव में एक बाघ देखा गया है। बाघ दिखने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय रेंजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ड्रोन से तलाश के दौरान झाड़ियों में बैठे बाघ की तस्वीर भी कैद हुई है। प्रभागीय वनाधिकारी सुन्दरेसा ने बताया कि ड्रोन में बाघ की तस्वीर कैद हुई है। जानवर को सुरक्षित पकड़ने के लिए चारों तरफ जाल लगाए गए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व से दो प्रशिक्षित हाथी भी मंगवाए गए हैं, जो शाम तक मौके पर पहुंच जाएंगे। इन हाथियों की मदद से वन्यजीव विशेषज्ञ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगे। वन विभाग ने इलाके से सटे खुशलीपुरवा, भगईपुरवा, पासीनपुरवा, कहारनपुरवा, दुवेपुरवा और अकबरपुरवा जैसे कई गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों से खेतों में न जाने की अपील की गई है। मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्य चिकित्सक दयाशंकर, रेंज अधिकारी शाकिब अंसारी, क्षेत्राधिकारी पवन कुमार, रामगांव के एसओ गुरुसेन सिंह और भारी पुलिस बल समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद हैं। शुरुआत में वन विभाग ने जाल लगाने में ग्रामीणों की मदद ली थी, लेकिन शोरगुल के कारण बाघ द्वारा स्थान बदलने की आशंका को देखते हुए ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व से चम्पाकली और जयमाला नामक दो हाथी बुलाए गए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व और कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के ट्रेंकुलाइज करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर भी टीम में शामिल हैं। महसी क्षेत्र में गुरुवार को बाघ की पुष्टि होने के बाद रेहुआ मंसूर, खुशली पुरवा, भगई पुरवा, पासिन पुरवा, दूबे पुरवा, लोनियन पुरवा सहित कई गांवों के ग्रामीण सतर्क हैं। जिन लोगों के मकान गांव के बाहरी हिस्सों में हैं और सुरक्षित नहीं हैं, वे विशेष सावधानी बरत रहे हैं।
महसी में दिखा बाघ, खेतों में न जाने की अपील: वन विभाग रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा, ड्रोन से हुई पुष्टि – Mahsi News
बहराइच जिले के रामगांव इलाके में स्थित रेहुआ मंसूर गांव में एक बाघ देखा गया है। बाघ दिखने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय रेंजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ड्रोन से तलाश के दौरान झाड़ियों में बैठे बाघ की तस्वीर भी कैद हुई है। प्रभागीय वनाधिकारी सुन्दरेसा ने बताया कि ड्रोन में बाघ की तस्वीर कैद हुई है। जानवर को सुरक्षित पकड़ने के लिए चारों तरफ जाल लगाए गए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व से दो प्रशिक्षित हाथी भी मंगवाए गए हैं, जो शाम तक मौके पर पहुंच जाएंगे। इन हाथियों की मदद से वन्यजीव विशेषज्ञ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगे। वन विभाग ने इलाके से सटे खुशलीपुरवा, भगईपुरवा, पासीनपुरवा, कहारनपुरवा, दुवेपुरवा और अकबरपुरवा जैसे कई गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों से खेतों में न जाने की अपील की गई है। मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्य चिकित्सक दयाशंकर, रेंज अधिकारी शाकिब अंसारी, क्षेत्राधिकारी पवन कुमार, रामगांव के एसओ गुरुसेन सिंह और भारी पुलिस बल समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद हैं। शुरुआत में वन विभाग ने जाल लगाने में ग्रामीणों की मदद ली थी, लेकिन शोरगुल के कारण बाघ द्वारा स्थान बदलने की आशंका को देखते हुए ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व से चम्पाकली और जयमाला नामक दो हाथी बुलाए गए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व और कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के ट्रेंकुलाइज करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर भी टीम में शामिल हैं। महसी क्षेत्र में गुरुवार को बाघ की पुष्टि होने के बाद रेहुआ मंसूर, खुशली पुरवा, भगई पुरवा, पासिन पुरवा, दूबे पुरवा, लोनियन पुरवा सहित कई गांवों के ग्रामीण सतर्क हैं। जिन लोगों के मकान गांव के बाहरी हिस्सों में हैं और सुरक्षित नहीं हैं, वे विशेष सावधानी बरत रहे हैं।










































