महराजगंज के फरेंदा क्षेत्र में गैस की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस, पूर्ति निरीक्षक और बाट-माप अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को आनंदनगर गैस एजेंसी के गोदाम से 27 भरे सिलेंडर बरामद किए। एजेंसी ग्राहकों को गैस खत्म होने का बहाना बनाकर लौटा रही थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि आनंदनगर गैस एजेंसी के संचालक ग्राहकों को गुमराह कर रहे थे। लेखपाल की मौजूदगी में इन 27 सिलेंडरों का तत्काल आम ग्राहकों में वितरण कराया गया। पूर्ति निरीक्षक इशान्त प्रताप सिंह को इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि यह कालाबाजारी ग्राहकों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही। धानी स्थित राधे एचपी गैस एजेंसी में भी चिंताजनक स्थिति पाई गई। गोदाम में एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिला और 15 मार्च से गैस आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी। टीम ने पूर्ति विभाग के माध्यम से एचपी गैस अधिकारियों से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संपर्क किया। ग्रामीणों ने शिकायत की कि वे लंबे समय से गैस संकट झेल रहे हैं, जिससे उनकी घरेलू रसोई प्रभावित हो रही है। निरीक्षण केवल गैस एजेंसियों तक सीमित नहीं रहा। टीम ने धानी बाजार और आनंदनगर बाजार के रेस्टोरेंट व दुकानों पर भी छापा मारा। आनंदनगर के पन्नेलाल रेस्टोरेंट से व्यावसायिक उपयोग में लाए जा रहे 2 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। पूर्ति निरीक्षक ने इन पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। आनंदनगर के एक ग्राहक ने कहा कि वे हफ्तों से गैस के लिए भटक रहे थे और आज उन्हें राहत मिली है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई और तेज की जाएगी। यह निरीक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और जिले की अन्य एजेंसियों पर भी नजर रखी जा रही है।
फरेंदा के गैस एजेंसी में 27 सिलेंडर छिपाए मिले: ग्राहकों को लौटाया जा रहा था, रेस्टोरेंट से घरेलू सिलेंडर जब्त – Pharenda News
महराजगंज के फरेंदा क्षेत्र में गैस की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस, पूर्ति निरीक्षक और बाट-माप अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को आनंदनगर गैस एजेंसी के गोदाम से 27 भरे सिलेंडर बरामद किए। एजेंसी ग्राहकों को गैस खत्म होने का बहाना बनाकर लौटा रही थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि आनंदनगर गैस एजेंसी के संचालक ग्राहकों को गुमराह कर रहे थे। लेखपाल की मौजूदगी में इन 27 सिलेंडरों का तत्काल आम ग्राहकों में वितरण कराया गया। पूर्ति निरीक्षक इशान्त प्रताप सिंह को इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि यह कालाबाजारी ग्राहकों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही। धानी स्थित राधे एचपी गैस एजेंसी में भी चिंताजनक स्थिति पाई गई। गोदाम में एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिला और 15 मार्च से गैस आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी। टीम ने पूर्ति विभाग के माध्यम से एचपी गैस अधिकारियों से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संपर्क किया। ग्रामीणों ने शिकायत की कि वे लंबे समय से गैस संकट झेल रहे हैं, जिससे उनकी घरेलू रसोई प्रभावित हो रही है। निरीक्षण केवल गैस एजेंसियों तक सीमित नहीं रहा। टीम ने धानी बाजार और आनंदनगर बाजार के रेस्टोरेंट व दुकानों पर भी छापा मारा। आनंदनगर के पन्नेलाल रेस्टोरेंट से व्यावसायिक उपयोग में लाए जा रहे 2 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। पूर्ति निरीक्षक ने इन पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। आनंदनगर के एक ग्राहक ने कहा कि वे हफ्तों से गैस के लिए भटक रहे थे और आज उन्हें राहत मिली है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई और तेज की जाएगी। यह निरीक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और जिले की अन्य एजेंसियों पर भी नजर रखी जा रही है।







































