महराजगंज के परतावल स्थित श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र की बनकटिया चौकी के प्रभारी चंद्रेश यादव ने एक मानवीय पहल की है। उन्होंने धनहा नायक चौराहे पर मूंगफली की दुकान चलाने वाले एक बच्चे की मदद की, जिसे दुकान पर अंधेरा होने के कारण व्यापार में कठिनाई हो रही थी। बच्चे ने चौकी प्रभारी से अपनी समस्या बताई और कहा कि दुकान पर रोशनी न होने से उसे परेशानी हो रही है। यदि प्रकाश की व्यवस्था हो जाए तो उसे सुविधा होगी। बच्चे की बात सुनकर चौकी प्रभारी चंद्रेश यादव ने तत्काल संज्ञान लिया और मौके पर ही दुकान के लिए प्रकाश की व्यवस्था करवाई। प्रकाश की व्यवस्था होते ही दुकान रोशनी से जगमगा उठी। इस पहल के लिए आसपास के लोगों ने चौकी प्रभारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य पुलिस के मानवीय पक्ष को दर्शाते हैं। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उसके पिता पहले रोजगार के लिए बाहर रहते थे, लेकिन अब घर पर रहकर बच्चे का सहारा बन रहे हैं। पुलिस की यह सहायता परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस पहल से न केवल बच्चे को व्यापार में सुविधा मिली, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।
चौकी प्रभारी ने मासूम दुकानदार की दुकान रोशन की: अंधेरे के कारण व्यापार में कठिनाई, अब मिली रोशनी – Partawal(Maharajganj) News
महराजगंज के परतावल स्थित श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र की बनकटिया चौकी के प्रभारी चंद्रेश यादव ने एक मानवीय पहल की है। उन्होंने धनहा नायक चौराहे पर मूंगफली की दुकान चलाने वाले एक बच्चे की मदद की, जिसे दुकान पर अंधेरा होने के कारण व्यापार में कठिनाई हो रही थी। बच्चे ने चौकी प्रभारी से अपनी समस्या बताई और कहा कि दुकान पर रोशनी न होने से उसे परेशानी हो रही है। यदि प्रकाश की व्यवस्था हो जाए तो उसे सुविधा होगी। बच्चे की बात सुनकर चौकी प्रभारी चंद्रेश यादव ने तत्काल संज्ञान लिया और मौके पर ही दुकान के लिए प्रकाश की व्यवस्था करवाई। प्रकाश की व्यवस्था होते ही दुकान रोशनी से जगमगा उठी। इस पहल के लिए आसपास के लोगों ने चौकी प्रभारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य पुलिस के मानवीय पक्ष को दर्शाते हैं। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उसके पिता पहले रोजगार के लिए बाहर रहते थे, लेकिन अब घर पर रहकर बच्चे का सहारा बन रहे हैं। पुलिस की यह सहायता परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस पहल से न केवल बच्चे को व्यापार में सुविधा मिली, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।






































