श्रावस्ती में जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों ने नगर पालिका भिनगा और नगर पंचायत इकौना में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करना था। मॉकड्रिल की गतिविधियां तहसील परिसर भिनगा में शाम 6 बजे शुरू हुईं। शाम 6 बजे से 6:10 बजे तक नागरिक सुरक्षा कोर द्वारा निर्धारित इमरजेंसी सायरन बजाए गए। सायरन की आवाज के बाद शाम 6:15 बजे नगर पालिका भिनगा और नगर पंचायत इकौना के नागरिकों ने अपने घरों के मुख्य विद्युत स्विच बंद कर दिए, जिससे शाम 6:30 बजे तक पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया। प्रशासनिक संकेत के बाद नागरिकों ने अपने घरों के स्विच दोबारा ऑन किए। पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… ब्लैकआउट के बाद, सशस्त्र सीमा बल की 62वीं वाहिनी के जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान निर्धारित स्थानों से सात घायल नागरिकों को बाहर निकाला गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया।इनमें से शिवकुमार भारती और सीमा सिंह को आगे की चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च मेडिकल सेंटर भेजा गया। अभ्यास के दौरान, भीषण गोलाबारी की स्थिति दर्शाई गई, जिसके कारण नगर क्षेत्र भिनगा में दो मकान और नगर क्षेत्र इकौना में एक मकान आग की चपेट में आ गए।सूचना आपदा कंट्रोल रूम के नंबर 1077 पर दी गई। कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात रमेश कुमार तिवारी ने फायर ब्रिगेड को और अर्पित कश्यप ने मेडिकल टीम को सूचित किया। सूचना मिलने के 10 मिनट के भीतर दोनों स्थानों पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र ने बताया कि सरकार आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए ग्राम स्तर तक एक सुदृढ़ ढांचा स्थापित कर रही है। नगरीय क्षेत्रों के लिए नागरिक सुरक्षा कोर का गठन किया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आपदा मित्र बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा के समय स्थानीय लोगों को त्वरित मदद पहुंचाने की पूरी तैयारी की गई है, जिससे आम आदमी हर आपदा और खतरे से सुरक्षित रह सके।






































