महराजगंज में जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के कुशल निर्देशन में पुलिस लाइन में एक वृहद ब्लैक आउट मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित युद्धकालीन या हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आमजन को सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक करना था। निर्धारित समय पर खतरे के सायरन के साथ मॉकड्रिल की शुरुआत हुई। सायरन बजते ही पुलिस लाइन और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई।नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, वार्डनों और आपदा मित्रों ने अपने-अपने दायित्व स्थलों पर तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी भवन से प्रकाश बाहर न जाए, जिससे ब्लैक आउट का उद्देश्य पूरा हो सके। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पूरे अभ्यास की निगरानी की। इस दौरान सायरन प्रणाली, संचार व्यवस्था और स्वयंसेवकों की प्रतिक्रिया समय की समीक्षा की गई, जिसे अत्यंत संतोषजनक पाया गया।अभ्यास के उपरांत जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र ‘सतत सतर्कता एवं निष्काम सेवा’ है। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों और नागरिक ठिकानों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ब्लैक आउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि शत्रु के विमानों या मिसाइलों के लिए लक्ष्य पहचान को असंभव बनाना है।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में पुलिस, आपदा निरोधक बलों और नागरिकों के बीच विशेष समन्वय देखने को मिला, जो आपातकालीन परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मॉकड्रिल के दौरान पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, नागरिक सुरक्षा कोर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और परिवहन विभाग द्वारा आपसी समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन कार्यवाही, यातायात नियंत्रण और ब्लैक आउट अनुपालन का अभ्यास कराया गया। सुरक्षा वार्डनों ने गश्त कर आमजन को घरों में रहने और वाहनों की हेडलाइट बंद रखने के निर्देश दिए। ‘ऑल क्लियर’ सायरन बजने के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ।प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार के अभ्यासों को गंभीरता से लें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में घबराहट से बचते हुए प्रभावी ढंग से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
महराजगंज में ब्लैक आउट मॉकड्रिल का आयोजन: डीएम की निगरानी में हुई, नागरिकों की सुरक्षा और सतर्कता का दिया गया संदेश – Maharajganj News
महराजगंज में जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के कुशल निर्देशन में पुलिस लाइन में एक वृहद ब्लैक आउट मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित युद्धकालीन या हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आमजन को सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक करना था। निर्धारित समय पर खतरे के सायरन के साथ मॉकड्रिल की शुरुआत हुई। सायरन बजते ही पुलिस लाइन और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई।नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, वार्डनों और आपदा मित्रों ने अपने-अपने दायित्व स्थलों पर तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी भवन से प्रकाश बाहर न जाए, जिससे ब्लैक आउट का उद्देश्य पूरा हो सके। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पूरे अभ्यास की निगरानी की। इस दौरान सायरन प्रणाली, संचार व्यवस्था और स्वयंसेवकों की प्रतिक्रिया समय की समीक्षा की गई, जिसे अत्यंत संतोषजनक पाया गया।अभ्यास के उपरांत जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र ‘सतत सतर्कता एवं निष्काम सेवा’ है। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों और नागरिक ठिकानों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ब्लैक आउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि शत्रु के विमानों या मिसाइलों के लिए लक्ष्य पहचान को असंभव बनाना है।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में पुलिस, आपदा निरोधक बलों और नागरिकों के बीच विशेष समन्वय देखने को मिला, जो आपातकालीन परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मॉकड्रिल के दौरान पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, नागरिक सुरक्षा कोर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और परिवहन विभाग द्वारा आपसी समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन कार्यवाही, यातायात नियंत्रण और ब्लैक आउट अनुपालन का अभ्यास कराया गया। सुरक्षा वार्डनों ने गश्त कर आमजन को घरों में रहने और वाहनों की हेडलाइट बंद रखने के निर्देश दिए। ‘ऑल क्लियर’ सायरन बजने के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ।प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार के अभ्यासों को गंभीरता से लें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में घबराहट से बचते हुए प्रभावी ढंग से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






































