बस्ती में शुक्रवार को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान शास्त्री चौक से कंपनी बाग तक निर्धारित समय के लिए विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे यह क्षेत्र अंधकार में डूब गया। ड्रिल के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग ने लगातार निगरानी रखी। ब्लैकआउट लागू होते ही संबंधित क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें, दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की रोशनी बंद कर दी गई। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे और स्थिति का जायजा लेते रहे। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य युद्ध या आपदा जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण करना था। ड्रिल के दौरान आम जनता से सतर्क रहने की अपील की गई थी, जिसका लोगों ने पालन किया। नागरिकों ने अनावश्यक आवाजाही से परहेज करते हुए प्रशासन का सहयोग किया। ब्लैकआउट के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अफवाह की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, जिससे ड्रिल को सफल माना गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ऐसी मॉक ड्रिल से यह आकलन किया जाता है कि आपात स्थिति में विभिन्न विभाग कैसे समन्वय स्थापित करते हैं और संसाधनों का उपयोग कैसे किया जाता है। यह अभ्यास आम जनता में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है। मॉक ड्रिल के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान, अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत, मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती और उपजिलाधिकारी सदर शत्रुघ्न पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ड्रिल की समीक्षा की और इसे सफल बताया। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास जारी रखने की बात कही।






































