डुमरियागंज। भनवापुर ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को संचार गतिविधि के तहत ‘माता बैठक’ का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने जुवाराई और चिताही गांवों में आयोजित इन बैठकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक किया। निरीक्षण के समय एएनएम कुसुम लता वर्मा, शशि कला, साधना सिंह और आशा बहुएं उपस्थित मिलीं। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. ओझा ने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए सप्लीमेंटेशन अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए। यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ श्वसन संक्रमण, दस्त, खसरा और आंखों की बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है। डॉ. ओझा ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण एक माह सात दिन के भीतर अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए। इससे गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में फोलिक एसिड टैबलेट का सेवन सुनिश्चित हो सकेगा, जो नवजात शिशुओं को न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से बचाता है। उन्होंने कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच कराने और सरकारी अस्पताल में ही प्रसव कराने की सलाह दी, ताकि बच्चे को जन्म के समय ही जीवनरक्षक टीके लग सकें। अधीक्षक ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों, अंत्योदय कार्ड धारकों और अन्य पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से एएनएम या पंचायत सहायक से संपर्क कर अपना कार्ड बनवाने का आग्रह किया, जिससे पंजीकृत अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज प्राप्त किया जा सके। इस अवसर पर बीएमसी सूर्यदेव सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों का नियमित वजन करने और कुपोषित बच्चों की लाइन लिस्टिंग तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने बच्चों के टीकाकरण और बेहतर पोषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बैठक में अरुण, कलावती, रामकुमार, प्रतिभा, लक्ष्मी, सोनी और दुर्गेश नंदिनी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
'माता बैठक' में स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी:सिद्धार्थनगर में 70+ बुजुर्गों को 5 लाख मुफ्त इलाज, आयुष्मान कार्ड बनेगा
डुमरियागंज। भनवापुर ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को संचार गतिविधि के तहत ‘माता बैठक’ का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने जुवाराई और चिताही गांवों में आयोजित इन बैठकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक किया। निरीक्षण के समय एएनएम कुसुम लता वर्मा, शशि कला, साधना सिंह और आशा बहुएं उपस्थित मिलीं। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. ओझा ने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए सप्लीमेंटेशन अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए। यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ श्वसन संक्रमण, दस्त, खसरा और आंखों की बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है। डॉ. ओझा ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण एक माह सात दिन के भीतर अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए। इससे गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में फोलिक एसिड टैबलेट का सेवन सुनिश्चित हो सकेगा, जो नवजात शिशुओं को न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से बचाता है। उन्होंने कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच कराने और सरकारी अस्पताल में ही प्रसव कराने की सलाह दी, ताकि बच्चे को जन्म के समय ही जीवनरक्षक टीके लग सकें। अधीक्षक ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों, अंत्योदय कार्ड धारकों और अन्य पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से एएनएम या पंचायत सहायक से संपर्क कर अपना कार्ड बनवाने का आग्रह किया, जिससे पंजीकृत अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज प्राप्त किया जा सके। इस अवसर पर बीएमसी सूर्यदेव सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों का नियमित वजन करने और कुपोषित बच्चों की लाइन लिस्टिंग तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने बच्चों के टीकाकरण और बेहतर पोषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बैठक में अरुण, कलावती, रामकुमार, प्रतिभा, लक्ष्मी, सोनी और दुर्गेश नंदिनी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।












































