नानपारा तहसील में तहसीलदार रविकांत द्विवेदी और लेखपाल प्रदीप के बीच हुए विवाद की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय जांच समिति शनिवार सुबह करीब 11 बजे तहसील पहुंची और अपनी पड़ताल शुरू की। समिति में मुख्य राजस्व अधिकारी देवेंद्र पाल सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रकाश सिंह और तहसीलदार सदर अनिरुद्ध यादव शामिल हैं। टीम ने उपजिलाधिकारी के चैंबर में तहसीलदार रविकांत द्विवेदी और लेखपाल प्रदीप का पक्ष सुना। इस दौरान तहसील के कर्मचारी और अन्य लोग भी मौजूद रहे। दोपहर तक चली जांच के बाद लेखपालों, गवाहों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। तहसीलदार रविकांत द्विवेदी ने आरोप लगाया कि यह घटना एसआईआर (सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि) को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि इस प्रकरण पर जिलाधिकारी द्वारा मीडिया को अवगत कराया जाएगा। मुख्य राजस्व अधिकारी देवेंद्र पाल सिंह ने पुष्टि की कि वे जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जांच के निष्कर्ष जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी द्वारा सार्वजनिक किए जाएंगे। देर रात तहसीलदार रविकांत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त की और एसआईआर को प्रभावित करने के मुद्दे को जोड़ते हुए चुनाव आयोग के काम में बाधा पड़ने की बात कही।
तहसीलदार-लेखपाल विवाद की जांच शुरू: जिलाधिकारी के निर्देश पर 5 सदस्यीय टीम नानपारा तहसील पहुंची – Nanpara Dehati(Nanpara) News
नानपारा तहसील में तहसीलदार रविकांत द्विवेदी और लेखपाल प्रदीप के बीच हुए विवाद की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय जांच समिति शनिवार सुबह करीब 11 बजे तहसील पहुंची और अपनी पड़ताल शुरू की। समिति में मुख्य राजस्व अधिकारी देवेंद्र पाल सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रकाश सिंह और तहसीलदार सदर अनिरुद्ध यादव शामिल हैं। टीम ने उपजिलाधिकारी के चैंबर में तहसीलदार रविकांत द्विवेदी और लेखपाल प्रदीप का पक्ष सुना। इस दौरान तहसील के कर्मचारी और अन्य लोग भी मौजूद रहे। दोपहर तक चली जांच के बाद लेखपालों, गवाहों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। तहसीलदार रविकांत द्विवेदी ने आरोप लगाया कि यह घटना एसआईआर (सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि) को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि इस प्रकरण पर जिलाधिकारी द्वारा मीडिया को अवगत कराया जाएगा। मुख्य राजस्व अधिकारी देवेंद्र पाल सिंह ने पुष्टि की कि वे जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जांच के निष्कर्ष जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी द्वारा सार्वजनिक किए जाएंगे। देर रात तहसीलदार रविकांत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त की और एसआईआर को प्रभावित करने के मुद्दे को जोड़ते हुए चुनाव आयोग के काम में बाधा पड़ने की बात कही।






































