नौतनवॉ के राजधानी में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत ‘बहू बेटी सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में कुल 56 महिलाएं उपस्थित थीं, जिन्हें महिला संबंधित अपराधों से लड़ने और निपटने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक अनामिका चौहान और महिला आरक्षी विनयलता सिंह मौजूद थीं। इनके साथ आशा कार्यकर्ता जानती देवी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साबित्री देवी ने भी सहभागिता की। मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को छेड़छाड़, बलात्कार जैसे समाज में हो रहे अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्हें इन अपराधों से लड़ने और निपटने के तरीकों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, लड़कियों के घर से जाने से जुड़ी समस्याओं, चुनौतियों और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112, 1090, 102, 181 और साइबर हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं और बालिकाओं को सशक्तिकरण, सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। महिलाओं ने इस पहल को सकारात्मक और साहस बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी मिलने से अब पीड़ित महिलाएं और लड़कियां बिना किसी डर या संकोच के अपनी समस्याओं को बताकर उनका समाधान करा सकेंगी। महिलाओं और बालिकाओं का मानना था कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से अधिक लोग जागरूक होंगे और शुरुआती दौर में शिकायत दर्ज होने से बड़े अपराधों को रोका जा सकेगा।
मिशन शक्ति 5.0 के तहत ‘बहू बेटी सम्मेलन’ आयोजित: नौतनवॉ के राजधानी में 56 महिलाओं को अपराधों से लड़ने के लिए जागरूक किया गया – Khairati(Nautanwa) News
नौतनवॉ के राजधानी में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत ‘बहू बेटी सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में कुल 56 महिलाएं उपस्थित थीं, जिन्हें महिला संबंधित अपराधों से लड़ने और निपटने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक अनामिका चौहान और महिला आरक्षी विनयलता सिंह मौजूद थीं। इनके साथ आशा कार्यकर्ता जानती देवी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साबित्री देवी ने भी सहभागिता की। मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को छेड़छाड़, बलात्कार जैसे समाज में हो रहे अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्हें इन अपराधों से लड़ने और निपटने के तरीकों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, लड़कियों के घर से जाने से जुड़ी समस्याओं, चुनौतियों और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112, 1090, 102, 181 और साइबर हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं और बालिकाओं को सशक्तिकरण, सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। महिलाओं ने इस पहल को सकारात्मक और साहस बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी मिलने से अब पीड़ित महिलाएं और लड़कियां बिना किसी डर या संकोच के अपनी समस्याओं को बताकर उनका समाधान करा सकेंगी। महिलाओं और बालिकाओं का मानना था कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से अधिक लोग जागरूक होंगे और शुरुआती दौर में शिकायत दर्ज होने से बड़े अपराधों को रोका जा सकेगा।







































