बहराइच के बाबा परमहंस कुटी में बैठक: यूजीसी के नए नियमों पर जताया विरोध, बीडीओ को ज्ञापन सौंपने का सर्वसम्मत निर्णय – Sorahiya(Nanpara) News

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केंद्र सरकार द्वारा यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की नीतियों में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में सर्ब समाज ने एकजुट होकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। यह निर्णय बाबा परमहंस कुटी में शिवपूजन सिंह की अगुवाई में हुई एक बैठक में लिया गया। इस बैठक में समाज के लोग, शिक्षक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीसी से संबंधित निर्णयों का सीधा असर उच्च शिक्षा, आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे किसी भी बदलाव से पहले सभी वर्गों की सहमति आवश्यक है। पाठक ने कहा कि सर्ब समाज हमेशा शिक्षा और सामाजिक समानता के पक्ष में खड़ा रहा है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा। बैठक में प्रमुख वक्ता अनूप कुमार, मनीष पाण्डेय और अमित पाठक ने यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने आशंका व्यक्त की कि वर्तमान प्रस्तावों से सामान्य, पिछड़े और वंचित वर्गों के छात्रों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से यूजीसी की स्वायत्तता और छात्र हितों से कोई समझौता न करने की मांग की। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 29 तारीख को खंड विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस ज्ञापन के माध्यम से सर्ब समाज की मांगों और आपत्तियों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही, यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे चरणबद्ध आंदोलन चलाने की रणनीति भी बनाई गई है। अंत में, शिवपूजन सिंह ने सभी उपस्थित लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल सर्ब समाज का नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। बैठक में हर्ष उदय सिंह, विशाल त्रिपाठी, आशीष त्रिपाठी, महेंद्र शर्मा, सुशील पाठक, वैभव सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, आर पी सिंह, राम सूरत पाठक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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