नौतनवा तहसील में बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत जारी मतदाता नोटिसों के बाद अफरातफरी मच गई। अपनी पहचान सत्यापित कराने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में मतदाता तहसील स्थित जनसुनवाई केंद्रों पर पहुंचे। मतदाताओं को नोटिस में उपस्थित होने के लिए समय, तिथि और संबंधित अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित था। हालांकि, तहसील पहुंचने पर उन्हें कोई व्यवस्थित प्रक्रिया नहीं मिली। लोगों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और निर्धारित काउंटर तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। जनसुनवाई केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने के कारण भीड़ में विशेष वृद्धि हुई। कई मतदाताओं को अपनी बारी का इंतजार करने में घंटों लग गए। मौके पर मौजूद उमेश, वीरेंद्र शर्मा, मान प्रसाद चौधरी, अनुज राय, विक्रम चौधरी, करन कुमार और लालचंद जैसे मतदाताओं ने अव्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्हें नोटिस देकर बुलाया गया था, लेकिन वहां बिजली की उचित व्यवस्था नहीं थी। तहसील सभागार में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई है। मतदाताओं ने यह भी शिकायत की कि जिस अधिकारी के सामने उन्हें उपस्थित होना था, वे निर्धारित समय पर मौजूद नहीं थे। उनके नोटिसों में सहायक निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह का नाम दर्ज था, लेकिन उनके समय पर उपलब्ध न होने के कारण लोग असमंजस की स्थिति में रहे। कई मतदाता सुबह से दोपहर तक अपने कागजात हाथ में लिए कतारों में खड़े रहे।
नौतनवा में मतदाता नोटिस से अफरातफरी: जनसुनवाई केंद्रों पर उमड़ी भीड़, व्यवस्था पर उठे सवाल – Sonauli(Nautanwa) News
नौतनवा तहसील में बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत जारी मतदाता नोटिसों के बाद अफरातफरी मच गई। अपनी पहचान सत्यापित कराने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में मतदाता तहसील स्थित जनसुनवाई केंद्रों पर पहुंचे। मतदाताओं को नोटिस में उपस्थित होने के लिए समय, तिथि और संबंधित अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित था। हालांकि, तहसील पहुंचने पर उन्हें कोई व्यवस्थित प्रक्रिया नहीं मिली। लोगों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और निर्धारित काउंटर तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। जनसुनवाई केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने के कारण भीड़ में विशेष वृद्धि हुई। कई मतदाताओं को अपनी बारी का इंतजार करने में घंटों लग गए। मौके पर मौजूद उमेश, वीरेंद्र शर्मा, मान प्रसाद चौधरी, अनुज राय, विक्रम चौधरी, करन कुमार और लालचंद जैसे मतदाताओं ने अव्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्हें नोटिस देकर बुलाया गया था, लेकिन वहां बिजली की उचित व्यवस्था नहीं थी। तहसील सभागार में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई है। मतदाताओं ने यह भी शिकायत की कि जिस अधिकारी के सामने उन्हें उपस्थित होना था, वे निर्धारित समय पर मौजूद नहीं थे। उनके नोटिसों में सहायक निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह का नाम दर्ज था, लेकिन उनके समय पर उपलब्ध न होने के कारण लोग असमंजस की स्थिति में रहे। कई मतदाता सुबह से दोपहर तक अपने कागजात हाथ में लिए कतारों में खड़े रहे।






































