उतरौला के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं को अब सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलेगी। लंबे समय से जर्जर भवन के कारण हो रही असुविधा को दूर करते हुए विद्यालय को एक अतिरिक्त सुरक्षित शैक्षणिक भवन उपलब्ध कराया गया है। कॉलेज का एक बड़ा हिस्सा काफी समय से जर्जर था, जिससे कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा था। सुरक्षा कारणों से कभी अलग-अलग समय पर तो कभी सीमित सुरक्षित स्थानों पर कक्षाएं लगाई जा रही थीं। इसी बीच, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय से सटे लंबे समय से निष्क्रिय पड़े राजकीय मल्टीपरपज सीड्स स्टोर भवन को देखा। उन्होंने इस भवन को विद्यालय के उपयोग में लाने की संभावनाओं पर विचार किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर, इस अनुपयोगी भवन को विद्यालय को हस्तांतरित करने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया, जिसे स्वीकृति मिल गई। इसके बाद भवन की आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य कराए गए। मरम्मत पूरी होने पर भवन को विधिवत रूप से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, उतरौला को सौंप दिया गया। नए भवन के उपलब्ध होने से विद्यालय की कक्षाएं अब सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। इससे छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिला है। साथ ही, वर्षों से अनुपयोगी पड़े सरकारी भवन का भी सार्थक उपयोग सुनिश्चित हुआ है। इस पहल से छात्राओं को अन्यत्र दूर स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे समय, संसाधन और सुरक्षा तीनों की बचत हुई है। यह बालिकाओं की शिक्षा के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उतरौला राजकीय कॉलेज को मिला मल्टीपरपज स्टोर:जर्जर भवन की जगह छात्राओं के लिए सुरक्षित कक्षाएं
उतरौला के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं को अब सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलेगी। लंबे समय से जर्जर भवन के कारण हो रही असुविधा को दूर करते हुए विद्यालय को एक अतिरिक्त सुरक्षित शैक्षणिक भवन उपलब्ध कराया गया है। कॉलेज का एक बड़ा हिस्सा काफी समय से जर्जर था, जिससे कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा था। सुरक्षा कारणों से कभी अलग-अलग समय पर तो कभी सीमित सुरक्षित स्थानों पर कक्षाएं लगाई जा रही थीं। इसी बीच, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय से सटे लंबे समय से निष्क्रिय पड़े राजकीय मल्टीपरपज सीड्स स्टोर भवन को देखा। उन्होंने इस भवन को विद्यालय के उपयोग में लाने की संभावनाओं पर विचार किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर, इस अनुपयोगी भवन को विद्यालय को हस्तांतरित करने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया, जिसे स्वीकृति मिल गई। इसके बाद भवन की आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य कराए गए। मरम्मत पूरी होने पर भवन को विधिवत रूप से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, उतरौला को सौंप दिया गया। नए भवन के उपलब्ध होने से विद्यालय की कक्षाएं अब सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। इससे छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिला है। साथ ही, वर्षों से अनुपयोगी पड़े सरकारी भवन का भी सार्थक उपयोग सुनिश्चित हुआ है। इस पहल से छात्राओं को अन्यत्र दूर स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे समय, संसाधन और सुरक्षा तीनों की बचत हुई है। यह बालिकाओं की शिक्षा के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।






































