बहराइच के रुपईडीहा में वर्षों से उपेक्षित पड़े स्वर्गधाम श्मशान घाट का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे इस विकास कार्य से अंतिम संस्कार की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों को काफी राहत मिली है। शवदाह के लिए दो अलग-अलग चबूतरे बनाए गए हैं, जिन पर छत की व्यवस्था की गई है। धुएं के निकास के लिए छत में छेद और ऊपर छतरियों का निर्माण भी कराया गया है। इसके अतिरिक्त, दो कमरे भी तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री रखने के लिए किया जाएगा। परिसर में मौजूद बड़े गड्ढों को पाटकर टाइल्स लगाई जा रही हैं। चबूतरों तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी टाइल्स बिछाई जा रही हैं। पहले बरसात के दिनों में परिसर में कीचड़ की समस्या रहती थी, जिससे अंतिम संस्कार के दौरान काफी कठिनाई होती थी। अब छत के नीचे अंतिम संस्कार होने से बारिश में कोई बाधा नहीं आएगी। नगर पंचायत के चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने इस संबंध में बताया कि पहले संपन्न लोग अंतिम संस्कार के लिए गायघाट या अयोध्या जाते थे, जबकि गरीबों के लिए यहां अंत्येष्टि करना अत्यंत कष्टदायक था। उन्होंने कहा कि स्वर्गधाम को सुविधाजनक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर वे व्यक्तिगत रूप से भी सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि परिसर में वाटर सोलर पंप स्थापित कर दिया गया है, जिससे पानी की समस्या समाप्त हो गई है। जल्द ही एक डेड बॉडी फ्रीजर भी मंगवाया जाएगा, जिससे शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
रुपईडीहा श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण अंतिम चरण में: निर्माण कार्य से अंतिम संस्कार में मिलेगी सुविधा – Sahjana(Nanpara) News
बहराइच के रुपईडीहा में वर्षों से उपेक्षित पड़े स्वर्गधाम श्मशान घाट का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे इस विकास कार्य से अंतिम संस्कार की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों को काफी राहत मिली है। शवदाह के लिए दो अलग-अलग चबूतरे बनाए गए हैं, जिन पर छत की व्यवस्था की गई है। धुएं के निकास के लिए छत में छेद और ऊपर छतरियों का निर्माण भी कराया गया है। इसके अतिरिक्त, दो कमरे भी तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री रखने के लिए किया जाएगा। परिसर में मौजूद बड़े गड्ढों को पाटकर टाइल्स लगाई जा रही हैं। चबूतरों तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी टाइल्स बिछाई जा रही हैं। पहले बरसात के दिनों में परिसर में कीचड़ की समस्या रहती थी, जिससे अंतिम संस्कार के दौरान काफी कठिनाई होती थी। अब छत के नीचे अंतिम संस्कार होने से बारिश में कोई बाधा नहीं आएगी। नगर पंचायत के चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने इस संबंध में बताया कि पहले संपन्न लोग अंतिम संस्कार के लिए गायघाट या अयोध्या जाते थे, जबकि गरीबों के लिए यहां अंत्येष्टि करना अत्यंत कष्टदायक था। उन्होंने कहा कि स्वर्गधाम को सुविधाजनक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर वे व्यक्तिगत रूप से भी सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि परिसर में वाटर सोलर पंप स्थापित कर दिया गया है, जिससे पानी की समस्या समाप्त हो गई है। जल्द ही एक डेड बॉडी फ्रीजर भी मंगवाया जाएगा, जिससे शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।










































