
बस्ती में सामाजिक न्याय के पुरोधा बाबू शिव दयाल सिंह चौरसिया की 123वीं और बहुजन एकता के नायक मान्यवर कांशीराम की 92वीं संयुक्त जयंती सोमवार को मनाई गई। लक्ष्मणपुर चौराहा पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कुलदीप मौर्य (जीवन) ने किया। इसका आयोजन चौरसिया उत्थान समिति, बस्ती द्वारा किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रुधौली विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि बाबू शिव दयाल सिंह चौरसिया और मान्यवर कांशीराम ने वंचित तथा कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। विधायक चौधरी ने जोर दिया कि ऐसे महापुरुषों की जयंती मनाना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि रामकरन चौरसिया ने बाबू शिव दयाल सिंह चौरसिया और मान्यवर कांशीराम के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तित्वों ने समाज को जागरूक और संगठित किया, जो आज भी प्रेरणास्रोत है। चौरसिया ने उनके विचारों को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके विचारों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मण चौरसिया ने की। उन्होंने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि जयंती मनाने का उद्देश्य महापुरुषों के आदर्शों को समाज में जीवित रखना है। कार्यक्रम में राजू प्रधान, अनिल चौरसिया, धर्मेंद्र चौरसिया, सिद्धनाथ चौरसिया, दिलीप चौरसिया, रामसुरेश चौरसिया, डॉ. हजारी लाल चौरसिया, प्रेम चंद्र चौरसिया, दुर्गेश चौरसिया, डॉ. आरपी सुमन, कमला प्रसाद चौरसिया और डॉ. रामजीत चौरसिया सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।



































