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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदौर, सरकारी दवाओं को ‘गोरखपुर की स्पेशल दवा’ बताकर हो रही अवैध वसूली

रिपोर्ट: गजेंद्र कुमार गुप्ता
जिला ब्यूरो चीफ, महराजगंज
महराजगंज (मिठौरा)। जनपद के मिठौरा ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जगदौर इन दिनों गंभीर आरोपों के घेरे में है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि यहां तैनात कुछ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल को सेवा केंद्र के बजाय उगाही का माध्यम बना चुके हैं। ताजा मामला मंगलवार रात का है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


करंट से झुलसे मरीज से इलाज के नाम पर वसूली का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार रात लगभग 9 बजे करंट लगने से घायल एक मरीज को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सीएचसी जगदौर लाया गया। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करते ही परिजनों को अस्पताल परिसर के बाहर स्थित एक निजी मेडिकल स्टोर से करीब 500 रुपये की दवाएं खरीदकर लाने के लिए बाध्य किया गया।


निजी ‘सहयोगियों’ के जरिए धनउगाही का खेल
सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि अस्पताल के भीतर कुछ डॉक्टरों और फार्मासिस्टों ने अपने निजी ‘सहयोगी’ या कथित तौर पर ‘गुर्गे’ तैनात कर रखे हैं, जो मरीजों और उनके परिजनों पर पैसों का दबाव बनाते हैं।
आरोप है कि जब घायल मरीज की हालत में कुछ सुधार हुआ, तो उससे 900 रुपये अतिरिक्त की मांग की गई। परिजनों को बताया गया कि उपचार में कुछ ऐसी ‘स्पेशल दवाएं’ इस्तेमाल की गई हैं, जिन्हें गोरखपुर से मंगवाकर रखा जाता है।
जब पीड़ित परिवार ने आर्थिक असमर्थता जताई, तो अस्पताल कर्मियों का रवैया और अधिक अमानवीय हो गया। परिजनों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और बिना समुचित डिस्चार्ज प्रक्रिया पूरी किए ही मरीज को वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया गया। सरकारी अस्पताल में इस तरह की कथित गुंडागर्दी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रभारी डॉ. दयानंद सिंह ने जांच का दिया भरोसा
मामले को लेकर जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदौर के प्रभारी डॉ. दयानंद सिंह (डी.एन. सिंह) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इसे गंभीर बताते हुए कहा—
“अगर अस्पताल में इस तरह की धनउगाही हो रही है, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”


मुफ्त इलाज के दावों पर उठे सवाल
एक तरफ सरकार गरीबों को मुफ्त और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सीएचसी जगदौर जैसे मामलों से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला मामला है।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी इस प्रकरण में केवल जांच का आश्वासन देते हैं या फिर वास्तव में दोषियों के खिलाफ कोई ठोस और उदाहरणात्मक कार्रवाई भी होती है।


महराजगंज (मिठौरा)। जनपद के मिठौरा ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जगदौर इन दिनों भ्रष्टाचार और मरीजों के शोषण का केंद्र बन गया है। यहाँ तैनात कुछ चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल को सेवा भाव की जगह उगाही का अड्डा बना लिया है। ताजा मामला मंगवार की रात का है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

बिजली की चपेट में आए मरीज से ‘इलाज’ के नाम पर वसूली
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 9 बजे करंट लगने से घायल एक मरीज को आपातकालीन स्थिति में CHC जगदौर लाया गया।आरोप है कि इलाज के नाम पर परिजनों को पहले परिसर के बाहर स्थित एक निजी मेडिकल स्टोर से 500 रुपये की दवाइयां लाने पर मजबूर किया गया।

प्राइवेट ‘गुर्गों’ के जरिए धनउगाही का खेल
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के अंदर डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने अपने निजी ‘सहयोगी’ रखे हुए हैं, जो मरीजों और उनके तीमारदारों पर पैसे देने का दबाव बनाते हैं। जब उक्त मरीज की हालत में सुधार हुआ, तो उससे **900 रुपये की अतिरिक्त मांग** की गई। तर्क यह दिया गया कि इलाज में कुछ ऐसी ‘स्पेशल’ दवाएं इस्तेमाल हुई हैं, जो विभाग गोरखपुर से मंगाकर रखता है। जब पीड़ित के परिजनों ने असमर्थता जताई, तो अस्पताल कर्मियों ने मानवता की सारी हदें पार कर दीं। परिजनों के साथ अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया गया और उन्हें बिना उचित डिस्चार्ज प्रक्रिया के ही छोड़ दिया गया। सरकारी अस्पताल में इस तरह की गुंडागर्दी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रभारी डॉ. दयानंद सिंह (D.N. सिंह) ने कहा।*
जब इस पूरे प्रकरण को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदौर के प्रभारी डॉ. दयानंद सिंह (D.N. सिंह)** से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा:
> अगर अस्पताल में इस तरह की धनउगाही हो रही है, तो यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”

सरकार एक ओर मुफ्त इलाज का दावा करती है, वहीं जगदौर CHC के ये ‘सफेदपोश’ लुटेरे सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। अब देखना यह है कि उच्चाधिकारी इन दोषियों पर सिर्फ जांच का भरोसा देते हैं या कोई ठोस कार्रवाई भी होती है?

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