सुलतानपुर । उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई सोमवार को टल गई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय की है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी शुक्ला ने सोमवार को बताया कि वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वे श्रीमद्भागवत कथा के कार्यक्रम के कारण उपस्थित नहीं हो सके। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। इससे पहले, 28 मार्च को हुई सुनवाई में वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने की जांच की मांग की थी। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 सहपठित धारा 91 के तहत एक आवेदन दिया था। इस आवेदन में राहुल गांधी की आवाज का सैंपल लेकर उसे पहले से दाखिल की गई सीडी के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) में मिलान कराने का अनुरोध किया गया है। राहुल गांधी के वकीलों ने इस मांग पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। अगली सुनवाई पर बचाव पक्ष की आपत्ति पर अपनी बहस पेश करेंगे।
उल्लेखनीय है कि यह मानहानि का मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे। इससे पहले, 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 9 मार्च की तिथि दी थी। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।











