माथेरान में घोड़ा और ई-रिक्शा संगठनों के बीच विवाद के कारण प्रशासन अभी इसी मुद्दे पर काफी समय बिता रहा है। नगरसेवकों ने भी विकास कार्य रुकने पर दुख जताया है।महेंद्र थोरवे ने कर्जत में माथेरान के नगरसेवकों और प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक बैठक की।(Development Works Stalled Amidst Horse-and-E-Rickshaw Dispute)
महत्वपूर्ण कार्यों के कारण नागरिकों को बड़ी परेशानी का सामना
इस बैठक में नगरसेवक रिजवाना शेख, ऐश्वर्या शिंदे, लता ढेबे, सुरेखा सालुंखे, कमल गायकवाड़, अर्चना भिलारे और महिला आघाड़ी प्रमुख संगीता जांभाले ने अपनी समस्याएं बताईं।उन्होंने कहा कि वार्ड में लंबित सड़कों और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के कारण नागरिकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, मिट्टी के ब्लॉक वाली सड़कों का काम पूरा करना जरूरी है। खासकर, महात्मा गांधी रोड से शिवाजी महाराज की मूर्ति तक का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।हालांकि, कस्तूरबा रोड पर खराब काम के कारण बड़ी संख्या में गड्ढे हो गए हैं। साथ ही, नागरिकों के घायल होने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। इस रास्ते पर ई-रिक्शा चलने से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है।
कॉर्पोरेटर्स ने आरोप लगाया कि जब नगर निगम टूटे हुए मिट्टी के ब्लॉक बदल रहा था, तो कुछ घोड़े के मालिक रुकावट डाल रहे थे।2014 में, मिट्टी के कटाव को रोकने और सड़कों को धूल-मुक्त बनाने के लिए मिट्टी के ब्लॉक लगाने का फैसला लिया गया था।
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