HomeArchitectureडिजिटल सेवा केंद्र से बदली रानी कुर्रे की जिंदगी, बनीं आत्मनिर्भर

डिजिटल सेवा केंद्र से बदली रानी कुर्रे की जिंदगी, बनीं आत्मनिर्भर

रायपुर :  ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरीं रानी कुर्रे ने अपने प्रयासों और डिजिटल तकनीक के उपयोग से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। कोरिया जिले के शिखा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य रानी, ग्राम रनई की निवासी हैं और ज्योति क्लस्टर, पटना से जुड़ी हुई हैं।

आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही रानी ने बिहान योजना के तहत अपने समूह से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर वर्ष 2024-25 में कस्टमर सर्विस सेंटर।की शुरुआत की। इस केंद्र के माध्यम से वे आधार, पैन कार्ड, बिल भुगतान और विभिन्न सरकारी सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंचा रही हैं।

शुरुआत में डिजिटल सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनका विश्वास जीतना आसान नहीं था, लेकिन रानी ने धैर्य और निरंतर प्रयासों से धीरे-धीरे अपनी पहचान बना ली। आज उनका केंद्र गांव के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र बन चुका है।

रानी की मेहनत का परिणाम है कि आज वे सालाना लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं, जबकि उनकी मासिक आय 14 हजार से 14 हजार 500 रुपए तक पहुंच गई है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

रानी कुर्रे न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि उन्होंने अपने गांव में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाकर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है। समाज में उन्हें सम्मान और पहचान भी मिली है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments