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डीपीआरओ कार्यालय में विवाद,कर्मचारी संगठनों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन:प्रधान प्रतिनिधि ने भी लगाए अभद्रता के आरोप, कार्रवाई की मांग


महराजगंज में डीपीआरओ कार्यालय में हुए विवाद के बाद मामला बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को तीन कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। निष्पक्ष जांच के साथ कड़ी कार्रवाई की मांग की। 1 अप्रैल को डीपीआरओ कार्यालय में हुए विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रदुम्न सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने डीपीआरओ के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जिला महामंत्री रामहित, संगठन मंत्री पारसनाथ यादव, पन्नेलाल और सत्येंद्र कुमार दुबे सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग वहीं, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सेवा संघ के बैनर तले जिले के सभी एडीओ पंचायतों ने भी ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सोहास (विकास खंड पनियरा) के प्रधान प्रतिनिधि सतीश सिंह ने कार्यालय में अभद्र व्यवहार किया। संघ का कहना है कि सतीश सिंह पहले भी कई बार कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर चुके हैं और धमकी दे चुके हैं। ज्ञापन में सतीश सिंह पर ग्राम विकास अधिकारी हरिलाल से मारपीट, पूर्व खंड विकास अधिकारियों के साथ विवाद और तत्कालीन डीसी मनरेगा करुणाकर अदीब के साथ भी अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उनके व्यवहार से विभागीय कर्मचारियों में भय का माहौल है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसी क्रम में पंचायत सहायक संघ के सदस्यों ने भी ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। डीपीआरओ पर धमकी देने का आरोप दूसरी ओर, प्रधान प्रतिनिधि सतीश सिंह ने भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर डीपीआरओ पर अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे अंत्येष्टि स्थल निर्माण से संबंधित विधायक के पत्र के साथ कार्यालय पहुंचे थे। जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बाहर निकालने की धमकी दी गई। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दिए जाने के बाद प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। मामले में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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