खेसरहा ब्लॉक के बरगदवा निवासी परशुराम मौर्य ने पारंपरिक खेती छोड़कर खीरे की उन्नत किस्म की खेती कर लाखों रुपये का मुनाफा कमाया है। उन्होंने दो बीघे खेत में मल्चिंग विधि का उपयोग करते हुए ‘गोविंदा’ किस्म के खीरे की खेती की है। इस विधि से मात्र 2500 रुपए प्रति बीघा की लागत से 45 दिनों में फसल तैयार हो जाती है। परशुराम मौर्य ने बताया कि उन्हें इस खेती से लगभग 2 से ढाई लाख रुपए का मुनाफा हुआ है। उन्होंने आईएसआर (ISR) की ‘गोविंदा’ वैरायटी के बीज का उपयोग किया है, जो स्वादिष्ट, बीज-रहित और कड़वाहट मुक्त होती है। जैविक खाद ‘सागरिका’ का इस्तेमाल कर उन्होंने 25 से अधिक बार तुड़ाई का लक्ष्य रखा है। परशुराम मौर्य पिछले लगभग 20 वर्षों से यह खेती करते आ रहे हैं। उनकी यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा और उदाहरण बन गई है, जो उन्हें पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
किसान ने पारंपरिक खेती छोड़ी, खीरे से कमाए लाखों रुपए:बरगदवा में 2 बीघे में मल्चिंग विधि से की गोविंदा किस्म की खेती
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