कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने के कारण वन विभाग ने विशेष हाथी पेट्रोलिंग अभियान चलाया है। 26 से 28 तारीख तक कतर्नियाघाट रेंज के सदर बीट के आधा दर्जन से अधिक गांवों में तेंदुए के बढ़ते हमलों के बाद यह कदम उठाया गया। यह अभियान रेंजर आशीष गौड के निर्देशन में संचालित किया गया। फॉरेस्ट गार्ड अब्दुल सलाम, वन वाचर मुन्नीलाल, अमरजीत, महावत मोहर्रम अली और इरशाद अहमद सहित टीम ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया। पेट्रोलिंग में जयमाला और चंपाकली नामक हथनियों का उपयोग किया गया। इनके माध्यम से जंगल से सटे सिरसियनपुरवा, गूलर, विशुन टांडा, कुरकुरी कुआं, घोसियाना, नई बस्ती टेड़िया, कैलाश नगर और भोड़हन पुरवा गांवों में लगातार निगरानी की गई। टीम ने गन्ना और गेहूं के खेतों के किनारों पर गश्त कर संभावित खतरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया। वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ग्रामीणों को जागरूक भी किया। टीम ने लोगों को रात में सतर्क रहने, अकेले खेतों में न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की सलाह दी। ग्रामीणों के अनुसार, इस अभियान से उनमें सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। वन विभाग की यह पहल मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।
कतर्नियाघाट में वन विभाग ने शुरू की हाथी पेट्रोलिंग:तेंदुए के हमलों के बाद ग्रामीणों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
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