श्री पवन पुत्र हनुमान जी मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ अनुष्ठान के चौथे दिन भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखा गया। इस अवसर पर हनुमान जी और श्रीराम दरबार की मूर्तियों का विधिवत मूर्ति मिलाप तथा भव्य नगर दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच मूर्तियों का पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद, उन्हें नगर भ्रमण के लिए सजाया गया और भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर दर्शन कराया गया। मूर्ति मिलाप कार्यक्रम के तहत, मूर्तियों का प्रथम मिलाप श्री सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में, द्वितीय मिलाप काली माता मंदिर (कुर्मीनडीह) में, तृतीय मिलाप श्री हनुमान जी मंदिर में, चतुर्थ मिलाप श्री शिवशंकर मंदिर (अहिरौला) में और पंचम मिलाप श्री राम जानकी मंदिर (अचलपुर चौधरी) में कराया गया। इस दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पूरे मार्ग पर भक्तिमय वातावरण बनाए रहे। नगर दर्शन के दौरान, जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों के लोगों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यज्ञ अनुष्ठान के अंतर्गत, यज्ञ मंडप में दिनभर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन और हवन का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का संचार स्पष्ट रूप से अनुभव किया गया। संध्याकाल में आयोजित श्रीराम कथा में कथा व्यास पंडित ओम नारायण मिश्र ‘दद्दन महाराज’ शास्त्री ने भगवान श्रीराम और हनुमान जी के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके मधुर कथावाचन और भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, और भक्तगण देर रात्रि तक भक्ति रस में लीन रहे।
हनुमान मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान का चौथा दिन:भव्य नगर दर्शन और मूर्ति मिलाप कार्यक्रम आयोजित
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