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ईरान को तबाह करने चले थे, सीज फायर कर बैठे, पल-पल क्यों बदलती है ट्रंप की चाल?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान पर रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर अगले 48 घंटे के भीतर ईरान ने होर्मुज से होने वाली आवाजाही में दखल खत्म नहीं की तो विनाशकारी परिणाम होंगे। अब ईरान पर अचानक ट्रंप का रुख बदल गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान ने हार्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल नहीं दिया तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट पर हमले करेगा। अमेरिका ऊर्जा सेक्टर पर हमला करेगा। डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें अचानक बढ़ गईं थीं। अब वह अपनी धमकी से ही मुकर गए हैं।

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ईरान से डर या या नई चाल, सीज फायर क्यों?

सोमवार सुबह डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया। उन्होंने कहा कि अब ईरान को पांच दिन का और समय दिया जा रहा है क्योंकि बातचीत में प्रगति हो रही है। ईरान ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। डोनाल्ड ट्रंप का फैसला बदलने पर अब कई सवाल उठ रहे हैं।

क्यों चौंका रहा है डोनाल्ड ट्रंप का फैसला?

डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक कह रहे हैं कि यह उनकी कोई नई चाल है। वह युद्ध में किसी भी नीति का पालन नहीं करते हैं, ईरान को वक्ती मोहलत देकर अचानक 28 फरवरी की हमला करेंगे और भीषण तबाही मचाएंगे। आलोचकों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप, हर बात से पीछे हटते हैं, पलटी मारते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप को डर था कि हमला करने से युद्ध और बढ़ सकता है। दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

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आर्थिक नजरिए से कैसा है यह फैसला?

डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिन का समय देने का एलान, अमेरिकी समय के हिसाब से सोमवार सुबह बाजार खुलने से ठीक पहले किया था। अगर उनका एलान सामने न आता तो अमेरिकी शेयर मार्केट का डूबना तय था। एलान के बाद शेयर बाजार मजबूत हो गए और तेल की कीमतें गिर गईं।

मार्केट देखकर एलान करते हैं डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गिराने-उठाने वाले माहिर खिलाड़ी हो गए हैं। वह अपने हम रणनीतिक एलानों को अक्सर, बाजार के खुले या बंद होने के समय पर ही करते हैं। CNN की एक रिपोर्ट बताती है कि अप्रैल 2024 में ‘लिबरेशन डे’ का एलान, उन्होंने शेयर मार्केट बंद होने पर किया था। टैरिफ लागू भी शनिवार आधी रात के बाद किए गए जब बाजार बंद थे। डोनाल्ड ट्रंप ने एलान के बाद कहा, ‘शांत रहिए। सब कुछ अच्छा से काम करेगा। यह खरीदने का सही वक्त है।’ उन्होंने चीन पर 130 प्रतिशत टैरिफ का एलान, शुक्रवार को बाजार बंद होने के 20 मिनट बाद किया था।

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ईरान युद्ध के एलान भी रणनीति थी?

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर पहले हमलों का एलान भी शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद किया था। वीडियो मैसेज शनिवार सुबह 2:30 बजे जारी हुआ। जून में ईरान पर हमला और जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हटाने का ऑपरेशन भी वीकेंड पर हुआ। ट्रंप, बाजार को अपने हिसाब से नियंत्रित करना चाहते है।

कैसे पलटते हैं डोनाल्ड ट्रंप, समझिए

दो सप्ताह पहले, 9 मार्च को डोनाल्ड ट्रंप ने एक रिपोर्ट से कहा था कि जंग के 10 दिन हो गए हैं। यह युद्ध, बहुत हद तक पूरा हो गया है। उनके बयान के बाद अचानक फाइनेंशियल मार्केट के सारे इंडेक्स, ऊपर उठ गए थे। बाजार बंद होने के बाद एक रैली में उन्होंने कहा था, ‘हमने कई तरीकों से जीत हासिल की है लेकिन अभी काफी कुछ बाकी है।’

नया एलान भी ट्रंप की रणनीति है?

सोमवार को ट्रंप का पांच दिन का समय देने वाला एलान बाजार खुलने से पहले किया गया। बाजार को उन्होंने बड़ा नुकसान होने से बचाया है। अब नई समयसीमा वीकेंड के बाद खत्म होगी जब बाजार बंद रहेंगे।

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डोनाल्ड ट्रंप अचानक क्यों पलटे हैं?

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि बातचीत अच्छी चल रही है इसलिए समय बढ़ाया गया। ईरान इनकार कर रहा है। आलोचक मानते हैं कि ट्रंप बाजार को स्थिर रखने और आर्थिक दबाव कम करने के लिए ऐसे समय पर ऐलान करते हैं। चाहे युद्ध का फैसला हो या टैरिफ का, ट्रंप की घोषणाएं अक्सर वॉल स्ट्रीट के शेड्यूल से मैच करती दिखती हैं। अब देखना होगा कि 5 दिन बाद क्या होता है। क्या ट्रंप, हमले बढ़ाते हैं या पलट जाते हैं।

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