निचलौल रेंज के दर्जनों गांवों में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ गया है। रमपुरवा, मदरहा, संडा, लोढ़िया बलहखोर, जहदा, कटहरी, बढ़या भोथीयाही, कमता, श्रीनगर दुर्गवालिया, कोल्हुआ, बड़हरा चरगहा और पकड़ी भारत खंड सहित कई गांवों के ग्रामीण बंदरों के झुंड से परेशान हैं, जो फसलों और पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के झुंड खेतों में लगी सब्जियों को बर्बाद कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अमरूद के फल, फूल और पेड़ों की डालियों को भी तोड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस समस्या से परेशान ग्रामीण दिनभर लाठी, डंडे और गुलेल लेकर अपनी फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें छतों पर जाने से भी रोका जा रहा है। ग्राम सभा निवासी सागीर अली, दीपक, धनराज यादव, विजय, चन्दन सिंह सौरभ, कौशल चौधरी, भोला, श्रवण, पप्पू मद्देशिया, राजकुमार कुशवाहा, राजकुमार राय, कोमल भारती, शरीफ अली, विजय साहनी, अखिलेश मधेशिया, आशीष और मोहन जैसे कई ग्रामीणों ने बताया कि वे बंदरों के इस आतंक से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि बंदरों ने इन दिनों जंगल छोड़कर गांवों में अपना बसेरा बना लिया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
निचलौल रेंज के गांवों में बंदरों का आतंक:फसलों और पेड़-पौधों को कर रहे है नुकसान, स्थानीय परेशान
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