Homeदेश (National)याद कर लें, अब से आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है; CM...

याद कर लें, अब से आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है; CM ने किया एलान

आंध्र प्रदेश अब बिना राजधानी के नहीं रहेगा बल्कि उसे आधिकारिक तौर पर राजधानी मिल गई है। इसकी घोषणा मंगलवार सुबह खुद राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की। उन्होंने कहा कि ‘आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।’ दरअसल, इस संबंध में भारत सरकार ने सोमवार को गजट नोटिफिकेशन जारी किया। लंबे समय से लंबित पड़ा यह फैसला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के बाद लिया गया, जिन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को अनुमोदित किया था।

यह विधेयक पिछले हफ्ते संसद से पारित किया गया था। कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा। इस संशोधन से 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में बदलाव किया गया।

यह भी पढ़ें: ‘सुरक्षा घटाइए कि चीफ जस्टिस जैसे आम लोग बात कर सकें’, SC ने WB के CS को फटकारा

2 अप्रैल को मिली अंतिम मंजूरी

अधिनियम के मुताबिक, अमरावती में आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी अधिनियम, 2014 के तहत घोषित राजधानी क्षेत्र भी शामिल है। संसद ने 2 अप्रैल को अंतिम मंजूरी दी और अमरावती को आधिकारिक राजधानी घोषित किया। राज्यसभा ने बिल को वॉइस वोट से पास किया, जबकि लोकसभा ने इसे एक दिन पहले मंजूरी दी थी।

बिल पर कुल 35 सांसदों ने बहस की

संसद में बिल पर कुल 35 सांसदों ने बहस की। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के दो सांसदों को छोड़कर सभी सांसदों ने बिल का समर्थन किया। वाईएसआरसीपी ने इसे किसान हितों की अनदेखी बताते हुए विरोध किया, क्योंकि किसानों ने राज्य की राजधानी के विकास के लिए अपनी जमीन दी थी।

इस कानून से सालों की राजनीतिक असमंजस और तीन-राजधानी मॉडल की चर्चाओं को खत्म कर दिया गया है। अब भविष्य में राजधानी बदलने या तीन-राजधानी योजना को लागू करने के प्रयास असंभव होंगे।

यह भी पढ़ें: खत्म होगा खाद संकट? सरकार ने बढ़ाई फर्टिलाइजर प्लांट्स को गैस सप्लाई

2015 में पड़ी थी नींव

बता दें कि अमरावती को राजधानी बनाने की नींव साल 2015 में तेलुगु देशम पार्टी के शासनकाल में रखी गई थी। 2019 में वाईएसआरसीपी के सत्ता में आने के बाद अमरावती के सभी प्रोजेक्ट रोक दिए थे। 2024 में टीडीपी-नेता एनडीए के सत्ता में लौटने के बाद, अमरावती को एकमात्र राजधानी बनाने का फैसला किया गया और परियोजनाओं को पिछले साल फिर से शुरू किया गया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments