शुक्रवार को सिसवा क्षेत्र के मंदिरों में प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर 12 बजते ही मंदिर परिसर ‘भए प्रकट दीन दयाला कौशल्या हितकारी’ के शंखनाद, नगाड़ों, पटाखों और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठे। नगर के श्रीरामजानकी मंदिर में 24 घंटे पूर्व अखंड भजन-कीर्तन प्रारंभ हुआ था। दोपहर 12 बजे भगवान के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर नगाड़ों, घंटों, शंखों और जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो गया। पूरा मंदिर परिसर भक्ति-भाव में डूब गया। महिलाओं ने सोहर और मंगलगीत गाकर माहौल को भक्तिमय बनाया। पुजारी विजय शर्मा ने भगवान की अलौकिक झांकी सजाई। उमेश उमंग सहित कई भजन गायकों ने भजनों की प्रस्तुति दी। श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना और आरती कर छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया। इस अवसर पर लालजी सिंह, अधिवक्ता गोविंद सोनी, मनोज केसरी एडवोकेट, जितेंद्र वर्मा, अरुण पांडेय, विवेक चौरसिया, कृष्णमुरारी सिंह, अश्वनी रौनियार, अमित रौनियार और अरुण सोनी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। नगर के प्रेम चित्र मंदिर रोड स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा में भी दोपहर बारह बजे जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर के पुजारी संजय मालवीय ने पूजा-पाठ और आरती संपन्न कराई। भगवान के जन्म के समय महिलाओं ने मंगल गीत और सोहर गाए। जन्मोत्सव के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें मुकेश जायसवाल, रितेश जायसवाल, अवध किशोर सुल्तानिया, मोहन रौनियार, विजय पाठक और सोनू मद्धेशिया ने योगदान दिया। सिसवा ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा बड़हरा महंत स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मठ में भी भगवान श्रीराम का प्राकट्य महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के मठाधीश महंथ संकर्षण रामानुज दास, उत्तराधिकारी बृजेश रामानुज दास और मुख्य पुजारी दुर्गेश मिश्रा ने पूजा-पाठ और महाआरती की। इस दौरान भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।












