चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि पर देवी पाटन शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त माता सिद्धिदात्री के दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों में लगे रहे। नौ दिनों के व्रत और पूजन के बाद श्रद्धालु बड़ी संख्या में हवन मंडप पहुंचे, जहां उन्होंने अपने व्रतों की पूर्णाहुति की। पूरे दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का क्रम चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवमी तिथि को मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना से सिद्धि, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस दिन कन्या पूजन, हवन और पूर्णाहुति का विशेष महत्व बताया गया है। शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी महाराज ने विश्व कल्याण की कामना से चल रहे नौ दिवसीय विशेष पूजन के समापन अवसर पर कन्या पूजन किया। इसके बाद हवन मंडप में वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हवन कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।हवन मंडप के बाहर भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। भक्त मां पाटेश्वरी जी के दर्शन-पूजन के बाद हवन स्थल पर पहुंचकर आहुति अर्पित कर रहे थे और परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना कर रहे थे। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने नवमी पूजन में हिस्सा लिया। शास्त्रों के अनुसार, हवन में दी गई आहुति वातावरण को शुद्ध करती है और व्यक्ति के मन, बुद्धि तथा आत्मा को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। यही कारण है कि भक्त नौ दिनों के उपवास और साधना के बाद नवमी के दिन हवन-पूजन कर अपने व्रत को पूर्ण करते हैं।
देवी पाटन शक्तिपीठ में नवरात्रि नवमी पर उमड़ी भीड़:पीठाधीश्वर ने किया कन्या पूजन, हवन-पूजन के साथ व्रतों की पूर्णाहुति
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