रामपुर:भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता,पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भाजपा स्थापना दिवस के अवसर पर पंडित दीनदयाल चौक पर स्थित पंडित दीनदयाल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता सरकार की “बिदाई का बैंड बाजा” बजा दिया है,यही कारण है कि उनका “मां,माटी,मानुष का झांसा” “मांस,माछी,मुसलमान” के झोल में बदल गया है।
श्री नकवी ने भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार अपने कार्यकाल में मां की सुरक्षा,मानुष का सशक्तिकरण और माटी के सम्मान में फेल होने के बाद अब मांस,माछी और मुसलमान को अपने कुशासन का कवच बनाने में लगी है।
श्री नकवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने उनके कुशासन की री इंट्री पर नो इंट्री का बोर्ड लगा दिया है,इस बार टीएमसी के जंगल राज के सफाए के साथ भाजपा के मंगल राज की स्थापना होगी।
श्री नकवी ने ओवैसी एंड कम्पनी पर बिना नाम लिए कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हर चुनाव में सेक्युलर शेरवानी,कम्युनल कारस्तानी के साथ मुसलमानों का जिल्लेईलाही बनने की कोशिश करते रहते हैं।इनकी सोच मुसलमानों में भाजपा के प्रति असहिष्णुता,अस्पृश्यता का साम्प्रदायिक संक्रमण फैला कर उनका सियासी शोषण की होती है।मुसलमानों को प्रगति की मुख्य धारा से काटने की अपराधिक साज़िश से सावधान और साम्प्रदायिक छल को समझदारी के बल से छूमंतर करना होगा।श्री नकवी ने केरलम में कांग्रेस और कम्युनिस्टों में चल रही उठा-पटक और सिर-फुटव्वल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “दिल्ली में एक दूसरे को गला लगाने वाले केरलम में एक दूसरे का गला दबाने में जुटे हैं”।केरलम में कांग्रेस-कम्युनिस्ट का कम्युनल चैंपियन बनने की प्रतिस्पर्धा इनके खोखले सैद्धांतिक गुब्बारे और सत्तालोलुप सियासत की हवा निकाल रही है।
वैश्विक संकट और युद्ध
श्री नकवी ने वर्तमान वैश्विक संकट पर कहा कि ‘विस्तारवादी सनक,विकासवादी सोंच की दुश्मन है’,युद्ध में जहां कोई भी देश अपने संसाधनों को दूसरों के विनाश में बर्बाद करता है,शान्ति में अपने संसाधनों का देश के विकास में इस्तेमाल करता है।युद्ध विनाश और शान्ति विकास का रास्ता है।
श्री नकवी ने कहा कि दुनिया गवाह है कि मुल्कों की अस्थाई जंग ने मानवता को स्थाई जख़्म दिया है,आज के वैज्ञानिक युग में विश्व युद्ध का विचार ही सम्पूर्ण मानव सृष्टि के विनाश को आमंत्रण है।जंग के जख़्म पर अमन का मरहम मानवता की हिफाज़त कर सकता है।श्री नकवी ने कहा कि बारूदी ढेर पर बैठे वर्तमान वैश्विक संकट के दौर में भारत समझदारी,संवेदनशीलता,संवाद,समन्वय से खुद को संकट से सुरक्षित रखने के सार्थक प्रयास कर रहा है।श्री नकवी ने कहा कि आज विश्व को विस्तारवाद की नहीं बल्कि विकासवाद की ज़रूरत है,किसी भी युद्ध की विभीषिका का मनोवैज्ञानिक जख़्म पीढियों तक ताज़ा रहता है,हिरोशिमा,नागासाकी इसका ज्वलंत उदाहरण है।आज दुनिया को आर्थिक असमानता,अशिक्षा,बेरोजगारी,आतंकवाद,असहिष्णुता,अराजकता के खिलाफ विश्व युद्ध की जरूरत है,यही वैश्विक संकट के अन्त और स्थायित्व की गारण्टी है।कोई भी युद्ध समस्या का समाधान नहीं बल्कि खुद एक समस्या है।श्री नकवी ने कहा कि भारत अपनी सम्प्रभुता,सुरक्षा-सम्मान को सर्वोपरी रख वैश्विक संकट के सार्थक समाधान की सोंच के साथ संकट के सागर से अमन का अमृत निकलने के पक्ष में है।बुद्ध की धरती युद्ध के धमाकों को मानवता के वसूल और मुल्कों के वजूद का शत्रु मानती है।श्री नकवी ने कुछ कविता और शेर के जरिए वैश्विक संकट पर संदेश दिया “वो जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने।
लम्हों की खता की थी सदियों ने सजा पाई।।”
जंग में क़त्ल सिपाही होंगे।
सुरखुरू ज़िल्ले ईलाही होंगे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख,भाजपा जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार,भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी,पूर्व सांसद घनश्याम सिंह लोधी,पूर्व राज्य मंत्री शिव बहादुर सक्सेना,विधायक आकाश सक्सेना,महिला आयोग की सदस्य सुनीता सैनी,युसूफ अली,बीना भारद्वाज,ज्वाला प्रसाद गंगवार,सुभाष भटनागर,रविंद्र सिंह रवि,जगपाल यादव,अर्जुन रस्तोगी,हरीबाला यादव,मोहित सैनी,काशीराम दिवाकर,सरदार विक्रम सिंह,कुलवंत औलख,प्रदीप गुप्ता,मोहन लोधी,कृष्ण अवतार लोधी,कुमार बहादुर सिंह,ऋषि पांडे,जगदीप सिंह दीपू,अशोक बिश्नोई,कपिल आर्य,जागेश्वर दयाल दीक्षित,अर्चनागंगवार,अवधेश शर्मा,श्वेता शर्मा,टेकचंद गंगवार,विकास दीक्षित,संजय पाठक,शिरीष गुप्ता,संजय चौधरी,मुकेश आर्य,हरि ओम मौर्य,संजय चंद्रा,करतार लोधी,पारुल अग्रवाल,शांतिलाल चौहान,शकुंतला लोधी,रानी गुप्ता,पूजा शर्मा,महेंद्र मौर्य,संतोख खेहरा,सुरेश बाबू गुप्ता,प्रभात अग्रवाल,राजीव मांगलिक,अजय सैनी,आशीष शर्मा,आशु गुप्ता,शिव शर्मा,देवेंद्र सिंह,तुषार शर्मा आदि उपस्थित रहे।











