पुलिस अधीक्षक *श्री राहुल भाटी* के कुशल निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक *श्री मुकेश चंद्र उत्तम* एवं समस्त क्षेत्राधिकारीगण के प्रभावी पर्यवेक्षण में *मिशन शक्ति फेज–5 (द्वितीय चरण)* के अंतर्गत जनपद श्रावस्ती में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने हेतु निरंतर सघन एवं संवेदनशील कार्यवाही की जा रही है। अभियान का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सुरक्षित, जागरूक एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

इसी क्रम में *थाना कोतवाली भिनगा, सिरसिया, मल्हीपुर, हरदत्तनगर गिरंट, सोनवा, गिलौला, इकौना, नवीन मॉडर्न, महिला थाना एवं शक्ति मोबाइल टीम* द्वारा विद्यालयों, गांवों, कस्बों एवं विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। चौपालों का आयोजन कर महिलाओं की समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील समाधान हेतु संवाद स्थापित किया गया तथा *“शक्ति दीदी”* के रूप में उन्हें निडर होकर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक एवं डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही *ओटीपी साझा न करने, मजबूत पासवर्ड के प्रयोग* तथा साइबर अपराध की स्थिति में *साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930* पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने के संबंध में जागरूक किया गया।
इस दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को *वूमेन पावर लाइन–1090, पुलिस आपातकालीन सेवा–112, एम्बुलेंस सेवा–108, चाइल्ड लाइन–1098, स्वास्थ्य सेवा–102, महिला हेल्पलाइन–181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन–1076 एवं साइबर हेल्पलाइन–1930* सहित विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त *मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, मातृशक्ति को सम्बल योजना एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम* सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर महिलाओं एवं बालिकाओं को इनका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया।
साथ ही जनपद के समस्त थानों पर स्थापित *मिशन शक्ति केंद्रों* की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हुए सूचनात्मक पंपलेट वितरित किए गए, जिससे महिलाओं एवं बालिकाओं को त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्राप्त हो सके।



