वॉशिंगटन,। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “समय-सीमा के मुताबिक या उससे आगे” चल रहा है और उम्मीद जताई कि इसके लक्ष्य “महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में” पूरे हो जाएंगे। फ्रांस में जी7 देशों के साथ बैठकों के बाद बोलते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय की गई थी। उन्होंने कहा कि हम ईरान की नौसेना और वायुसेना को नष्ट करेंगे। हम मूल रूप से उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को उनकी फैक्ट्रियों में खत्म कर देंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कहा इस अभियान का उद्देश्य “मिसाइल लॉन्चरों की संख्या को काफी कम करना” है, ताकि ईरान “इनके पीछे छिपकर परमाणु हथियार बनाने और दुनिया को धमकाने” में सक्षम ना हो सके। रुबियो ने कहा कि प्रगति लगातार हो रही है। “हम इस ऑपरेशन में समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे हैं और उम्मीद है कि इसे उचित समय पर महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा।
रुबियो ने ऑपरेशन के बाद संभावित जोखिमों की भी चेतावनी दी, खासकर होर्मुज जलडमरू मध्य में जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। उन्होंने कहा कि ईरान वहां टोल प्रणाली लागू करने की कोशिश कर सकता है, जिसे उन्होंने “अवैध”, “अस्वीकार्य” और “दुनिया के लिए खतरनाक” बताया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि दुनिया इसके खिलाफ एक योजना बनाए और अमेरिका इसमें भाग लेने के लिए तैयार है, “लेकिन हमारे लिए इसका नेतृत्व करना जरूरी नहीं है।
रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि जी7 के अलावा, खासकर एशिया के देशों की भी इसमें बड़ी हिस्सेदारी है और उन्हें यह तय करने में योगदान देना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी “राष्ट्र-राज्य या आतंकवादी सरकार” के नियंत्रण में न हों। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण को सहयोगियों का व्यापक समर्थन मिला है। इस विचार के प्रति काफी समर्थन दिखा…और इसे काफी हद तक स्वीकार किया गया। रुबियो ने ईरान की सरकार और वहां की जनता के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग शानदार हैं। वे इससे कहीं बेहतर के हकदार हैं जबकि नेतृत्व को “कट्टर शिया धर्मगुरु शासन” बताया।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर रुबियो ने शांति स्थापित करने में अमेरिका की भूमिका निभाने की तत्परता दोहराई। उन्होंने कहा कि हम उस युद्ध को खत्म करने के लिए जो भी रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं, उसके लिए तैयार हैं। हालांकि फिलहाल कोई बैठक तय नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर यूक्रेन के लिए तय अमेरिकी सैन्य आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सैन्य जरूरत होती है…तो हमारे संसाधनों के मामले में हम हमेशा पहले आएंगे।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “महीनों नहीं, कुछ हफ्तों में” पूरे कर लेंगे
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